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17 आयत मक्की PDF
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सूरा अत-तारिक़ pdf — डाउनलोड (हिन्दी)

सूरा अत-तारिक़ pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अत-तारिक़ अनुवाद. सूरा अत-तारिक़ (मक्की) 17 आयत.

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17 आयत · मक्की · हिन्दी
bismillah
ﭑﭒﭓ
86:1 आसमान और रात को आने वाले की क़सम
ﭔﭕﭖﭗﭘ
86:2 और तुमको क्या मालूम रात को आने वाला क्या है
ﭙﭚﭛ
86:3 (वह) चमकता हुआ तारा है
ﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢ
86:4 (इस बात की क़सम) कि कोई शख़्श ऐसा नहीं जिस पर निगेहबान मुक़र्रर नहीं
ﭣﭤﭥﭦﭧ
86:5 तो इन्सान को देखना चाहिए कि वह किस चीज़ से पैदा हुआ हैं
ﭨﭩﭪﭫﭬ
86:6 वह उछलते हुए पानी (मनी) से पैदा हुआ है
ﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
86:7 जो पीठ और सीने की हड्डियों के बीच में से निकलता है
ﭳﭴﭵﭶﭷ
86:8 बेशक ख़ुदा उसके दोबारा (पैदा) करने पर ज़रूर कुदरत रखता है
ﭸﭹﭺﭻ
86:9 जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे
ﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂ
86:10 तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा
ﮃﮄﮅﮆ
86:11 चक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम
ﮇﮈﮉﮊ
86:12 और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)
ﮋﮌﮍﮎ
86:13 बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है
ﮏﮐﮑﮒ
86:14 और लग़ो नहीं है
ﮓﮔﮕﮖ
86:15 बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं
ﮗﮘﮙ
86:16 और मैं अपनी तद्बीर कर रहा हूँ
ﮚﮛﮜﮝﮞ
86:17 तो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत दो

पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 9, 2026

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