अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (मुख्य शब्दों के अर्थ):
- ख़ावियतुन: गिरी हुई, बर्बाद, खंडहर बनी हुई।
- अला उरूशिहा: अपनी छतों पर गिरी हुई, यानी छतें गिर गईं और दीवारें उनके ऊपर आ गिरीं।
- अन्ना: कैसे, किस तरह।
- फ़अमातहु: तो अल्लाह ने उसे मार दिया (मौत दे दी)।
- बा'असहु: उसे उठाया, ज़िंदा किया।
- लबिस्त: तुम ठहरे, तुमने समय बिताया।
- लम यतसन्नह: उसमें कोई परिवर्तन नहीं आया, वह ज्यों का त्यों बना रहा।
- नुन्शिज़ुहा: हम उन्हें उठाते हैं, जोड़ते हैं, एकत्र करते हैं।
- नक्सूहा: हम उसे पहनाते हैं, ढकते हैं।
- तबय्यन: स्पष्ट हो गया, प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे गया।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस व्यक्ति की अद्भुत कहानी बयान करती है जो एक बर्बाद और वीरान बस्ती से गुज़रा। वह बस्ती इस कदर तबाह हो चुकी थी कि उसकी छतें गिर गई थीं और दीवारें उन्हीं के ऊपर ढह गई थीं। यह देखकर उस व्यक्ति ने हैरानी और अचंभे से कहा: "यह अल्लाह इस बस्ती को मौत के बाद कैसे ज़िंदा करेगा?" उसका यह कहना शक की वजह से नहीं था, बल्कि अल्लाह की कुदरत के इस अजीबो-ग़रीब नज़ारे को देखकर उसके मन में यह सवाल उठा था।
तो अल्लाह ने उसे सौ साल के लिए मौत दे दी। फिर उसे ज़िंदा करके उससे पूछा: "तुम कितनी देर ठहरे?" उसने कहा: "मैं एक दिन या उसका कुछ हिस्सा ही ठहरा हूँ।" अल्लाह ने फ़रमाया: "नहीं, बल्कि तुम सौ साल ठहरे। अब अपने खाने और पीने की चीज़ों को देखो, वे बिल्कुल ताज़ा हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं आया। और अपने गधे को देखो (कैसे मरा पड़ा है, उसकी हड्डियाँ बिखरी हुई हैं)। हमने ऐसा इसलिए किया ताकि तुम्हें लोगों के लिए एक निशानी बना दें। अब उन हड्डियों को देखो कि हम किस तरह उन्हें उठाकर जोड़ते हैं, फिर उन्हें गोश्त पहनाते हैं।"
जब उस व्यक्ति ने यह सब कुछ अपनी आँखों से देख लिया, तो उस पर सच्चाई साफ़ हो गई और उसने पुकारकर कहा: "मैं जान गया कि अल्लाह हर चीज़ पर पूरी क़ुदरत रखता है।"
इस कहानी में अल्लाह तआला हमें यह सिखाना चाहते हैं कि मौत के बाद दोबारा ज़िंदा होना उनके लिए बिल्कुल आसान है। जिस तरह उस व्यक्ति का खाना और पानी सौ साल तक ताज़ा रहा और उसका गधा उसकी आँखों के सामने ज़िंदा हो गया, उसी तरह अल्लाह क़यामत के दिन सबको ज़िंदा करेगा। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की कुदरत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं है। जो इंसान इस पर ईमान रखता है, उसका दिल अल्लाह की रहमत और कुदरत पर पूरा भरोसा करता है। यह कहानी हमें बताती है कि अल्लाह की ताक़त का कोई अंत नहीं, और उसके वादे सच्चे हैं।
📜 आयत 257-261 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 259
सूरा अल-बकरा आयत 259 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल तुमने) मसलन उस (बन्दे के हाल पर भी…सूरा आयत 259/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 257–261. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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