अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आयातिन मुबय्यिनातिन: स्पष्ट और खुली हुई आयतें जो सत्य को असत्य से अलग करती हैं।
- मसलन: एक उदाहरण, नसीहत और सबक के लिए।
- खलव: गुज़र चुके, बीत चुके।
- मौ'इज़़ा: नसीहत, सीख और चेतावनी।
- लिल्मुत्तक़ीन: उन लोगों के लिए जो अल्लाह से डरते हैं और उसकी नाफ़रमानी से बचते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों पर अपनी बड़ी मेहरबानी और एहसान का ज़िक्र कर रहा है। वह फ़रमाता है: "ऐ लोगों! हमने तुम्हारी ओर ऐसी आयतें उतारी हैं जो बिल्कुल साफ़ और रौशन हैं, जिनमें हलाल और हराम, हुक्म और हदूद (सीमाएँ) सब कुछ खोलकर बयान कर दिया गया है। ये आयतें तुम्हें अंधेरों से निकालकर रौशनी की ओर लाती हैं।"
साथ ही, अल्लाह ने उन पिछली उम्मतों के हालात और क़िस्से भी बयान किए हैं जो हमसे पहले गुज़र चुकी हैं—उनमें से ईमान वालों के अंजाम और नाफ़रमानों के अंजाम को हमारे सामने रखा है। यह एक मिसाल और सबक़ है कि जिसने अल्लाह की इताअत की उसे कैसी इज़्ज़त मिली, और जिसने नाफ़रमानी की उसे कैसी सज़ा मिली। यह सब कुछ हमारी हिदायत के लिए है।
और फिर अल्लाह फ़रमाता है कि यह किताब "मौ'इज़़ा" है—यानी नसीहत और चेतावनी—उन लोगों के लिए जो अल्लाह से डरते हैं, उसके अज़ाब से बचना चाहते हैं, और अपने रब के हुक्मों को मानकर उसकी मनाही से रुकते हैं। यह नसीहत दिल को जगाती है, आँखों को खोलती है और इंसान को सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देती है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन महज़ एक किताब नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ से हमारे लिए एक पूरा "रहनुमा" है। इसमें हमारे लिए रौशनी है, हमारे लिए सबक़ है, और हमारे लिए ज़िंदगी की हर मुश्किल का हल है। जो शख्स इस किताब को पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। अल्लाह ने हम पर यह बड़ा एहसान किया है कि हमें ऐसी किताब दी जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई सिखाती है। हमें चाहिए कि इस किताब को सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि समझें, उस पर अमल करें, और उसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएँ। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। अल्लाह हमें अपनी किताब पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 32-36 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 34
सूरा अन-नूर आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ईमानदारों) हमने तो तुम्हारे पास (अपनी) वाज़ेए व रौशन…सूरा आयत 34/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








