अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- كُوِّرَتْ: लपेट दी जाए, उलझा दी जाए, यानी सूरज की रोशनी चली जाए और उसका शरीर (जिस्म) लपेटकर अंधकार में बदल दिया जाए। यह उस हालत का वर्णन है जब क़यामत के दिन सूरज की चमक और रोशनी खत्म कर दी जाएगी।
तफ़सीर:
जब क़यामत का दिन आएगा, तो सूरज, जो दुनिया में रोशनी और गर्मी का सबसे बड़ा ज़रिया है, उसे लपेट दिया जाएगा और उसकी रोशनी जाती रहेगी। यानी वह चमकता हुआ सितारा अंधकार में बदल जाएगा, जैसे कोई चीज़ लपेटकर बेकार कर दी जाए। यह अल्लाह तआला की क़ुदरत का एक अज़ीम नज़ारा है कि जिस सूरज को उसने रोशनी का स्रोत बनाया, उसे वही अल्लाह एक इशारे पर बुझा देगा और अंधेरे में डाल देगा। यह उस दिन की हैबत (भयावहता) और अज़ीम तब्दीली की निशानी है, जब पूरी कायनात बदल दी जाएगी।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी, और इसकी हर चीज़ — चाहे वह सूरज जैसी बड़ी और रोशन ही क्यों न हो — एक दिन खत्म हो जाएगी। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी का हिसाब देना है, और उस दिन के लिए तैयारी करनी है। यह हमारे लिए एक नसीहत है कि हम अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें, और उस दिन से डरें जब सूरज की रोशनी भी बुझ जाएगी। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, और उसने हमें मौका दिया है कि हम तौबा करके अपने कर्म सुधार लें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत की नेमतों से नवाज़े जाएँ।
📜 आयत 1-3 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 1
सूरा अत-तकवीर आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस वक्त आफ़ताब की चादर को लपेट लिया जाएगासूरा आयत 1/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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