सूरा अत-तकवीर
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29 आयत मक्की PDF
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सूरा अत-तकवीर pdf — डाउनलोड (हिन्दी)

सूरा अत-तकवीर pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अत-तकवीर अनुवाद. अत-तकवीर (मक्की) 29 आयत.



सूरा अत-तकवीर
29 आयत · मक्की · हिन्दी
bismillah
ﭙﭚﭛﭜ
जिस वक्त आफ़ताब की चादर को लपेट लिया जाएगा
ﭝﭞﭟﭠ
और जिस वक्त तारे गिर पडेग़ें
ﭡﭢﭣﭤ
और जब पहाड़ चलाए जाएंगें
ﭥﭦﭧﭨ
और जब अनक़रीब जनने वाली ऊंटनियों बेकार कर दी जाएंगी
ﭩﭪﭫﭬ
और जिस वक्त वहशी जानवर इकट्ठा किये जायेंगे
ﭭﭮﭯﭰ
और जिस वक्त दरिया आग हो जायेंगे
ﭱﭲﭳﭴ
और जिस वक्त रुहें हवियों से मिला दी जाएंगी
ﭵﭶﭷﭸ
और जिस वक्त ज़िन्दा दर गोर लड़की से पूछा जाएगा
ﭹﭺﭻﭼ
कि वह किस गुनाह के बदले मारी गयी
ﭽﭾﭿﮀ
और जिस वक्त (आमाल के) दफ्तर खोले जाएं
ﮁﮂﮃﮄ
और जिस वक्त आसमान का छिलका उतारा जाएगा
ﮅﮆﮇﮈ
और जब दोज़ख़ (की आग) भड़कायी जाएगी
ﮉﮊﮋﮌ
और जब बेहिश्त क़रीब कर दी जाएगी
ﮍﮎﮏﮐﮑ
तब हर शख़्श मालूम करेगा कि वह क्या (आमाल) लेकर आया
ﮒﮓﮔﮕ
तो मुझे उन सितारों की क़सम जो चलते चलते पीछे हट जाते
ﮖﮗﮘ
और ग़ायब होते हैं
ﮙﮚﮛﮜ
और रात की क़सम जब ख़त्म होने को आए
ﮝﮞﮟﮠ
और सुबह की क़सम जब रौशन हो जाए
ﮡﮢﮣﮤﮥ
कि बेशक यें (क़ुरान) एक मुअज़िज़ फरिश्ता (जिबरील की ज़बान का पैग़ाम है
ﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
जो बड़े क़वी अर्श के मालिक की बारगाह में बुलन्द रुतबा है
ﮭﮮﮯﮰ
वहाँ (सब फरिश्तों का) सरदार अमानतदार है
ﮱﯓﯔﯕ
और (मक्के वालों) तुम्हारे साथी मोहम्मद दीवाने नहीं हैं
ﯖﯗﯘﯙﯚ
और बेशक उन्होनें जिबरील को (आसमान के) खुले (शरक़ी) किनारे पर देखा है
ﯛﯜﯝﯞﯟﯠ
और वह ग़ैब की बातों के ज़ाहिर करने में बख़ील नहीं
ﯡﯢﯣﯤﯥﯦ
और न यह मरदूद शैतान का क़ौल है
ﯧﯨﯩ
फिर तुम कहाँ जाते हो
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯ
ये सारे जहॉन के लोगों के लिए बस नसीहत है
ﯰﯱﯲﯳﯴﯵ
(मगर) उसी के लिए जो तुममें सीधी राह चले
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और तुम तो सारे जहॉन के पालने वाले ख़ुदा के चाहे बग़ैर कुछ भी चाह नहीं सकते

पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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