अल-काफिरून · 5/6
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-काफिरून
وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ ۝٥
Wa laa antum `aabidoona ma a`bud
📖 हिंदी अर्थ
और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • عَابِدُونَ (आबिदून): इबादत करने वाले
  • مَا أَعْبُدُ (मा आ'बुदु): जिसकी मैं इबादत करता हूँ (अल्लाह)

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत दे रहे हैं कि आप काफ़िरों से कहें: "और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूँ।" यानी जिस तरह मैं अकेले अल्लाह की इबादत करता हूँ, बिना किसी साझी के, उसी तरह तुम भी उसकी इबादत नहीं कर सकते। तुम्हारी इबादत शिर्क से मिली हुई है, जबकि मेरी इबादत खालिस तौहीद है। इसलिए दोनों में कभी मेल नहीं हो सकता।

यह आयत उन ख़ास मुशरिकों के बारे में उतरी जिनके बारे में अल्लाह को पहले से मालूम था कि वे कभी ईमान नहीं लाएँगे। अल्लाह ने यह बात उनके भविष्य के बारे में बता दी, ताकि नबी ﷺ और मुसलमानों का दिल उनसे मायूस हो जाए और वे अपनी तब्लीग़ जारी रखें।

इस आयत का पैग़ाम यह है कि ईमान और कुफ्र के बीच कभी समझौता नहीं हो सकता। एक मोमिन की पहचान यह है कि वह सिर्फ अल्लाह की इबादत करता है, और मुशरिक की पहचान यह है कि वह अल्लाह के साथ दूसरों को भी पूजता है। यह दोनों रास्ते कभी एक नहीं हो सकते।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी इबादत को खालिस अल्लाह के लिए करें। हमारी नमाज़, हमारा रोज़ा, हमारी दुआ — सब कुछ सिर्फ अल्लाह के लिए हो। जब हम अपनी इबादत को इस तरह खालिस कर लेंगे, तो अल्लाह हमें दुनिया और आख़िरत में कामयाबी देगा। याद रखिए, जो लोग अल्लाह की इबादत में किसी को साझी बनाते हैं, उनकी इबादत कभी क़ुबूल नहीं होती। लेकिन जो लोग खालिस दिल से अल्लाह की तरफ़ रुजू करते हैं, अल्लाह उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है और उनके गुनाह माफ़ कर देता है। आइए, हम सब अपनी ज़िंदगी को इस तौहीद की रोशनी में ढालें और अल्लाह के प्यारे नबी ﷺ के रास्ते पर चलें।



📜 आयत 3-6 — सूरा अल-काफिरून

3وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ
और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते
4وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَّا عَبَدتُّمْ
और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं
5وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ
और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं
6لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِيَ دِينِ
तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन
अल-काफिरूनकुरान सूची
6आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अल-काफिरून 5

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Saturday, October 3, 2026

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