अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَلاَ أَنَا عَابِدٌ: और न ही मैं इबादत करने वाला हूँ।
- مَّا عَبَدتُّمْ: उस चीज़ की जिसकी तुम इबादत करते हो।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत दे रहे हैं कि आप काफ़िरों से साफ़ और दो टूक बात कह दें: "और न ही मैं उन चीज़ों की इबादत करने वाला हूँ जिनकी तुम इबादत करते हो।" यानी जिस तरह तुम लोग अपने बुतों और झूठे माबूदों की पूजा करते हो, मैं उस तरह की इबादत कभी नहीं कर सकता। मेरी इबादत तो सिर्फ़ अल्लाह के लिए है, जो पूरी तरह ख़ालिस और उसी की रज़ा के लिए होती है।
यहाँ एक बहुत बड़ी हक़ीक़त बयान की गई है कि ईमान और कुफ्र का कोई समझौता नहीं हो सकता। एक मोमिन कभी भी बातिल की इबादत में शामिल नहीं हो सकता, चाहे उसे कितनी भी मुश्किलों का सामना करना पड़े। यह आयत हमें सिखाती है कि अपने ईमान और अक़ीदे पर क़ायम रहना चाहिए और बातिल से किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए।
यह भी ज़रूरी है कि हम अपनी इबादत को सिर्फ़ अल्लाह के लिए ख़ालिस करें, क्योंकि इबादत में किसी को शरीक करना सबसे बड़ा ज़ुल्म है। अल्लाह तआला अपने बंदों से यही चाहता है कि वे उसी की इबादत करें, क्योंकि वही सच्चा माबूद है और उसके सिवा हर चीज़ फ़ानी है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपने जीवन में सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें और उसकी राह पर चलें। अल्लाह तआला हमें सच्चे दिल से अपनी इबादत करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 2-6 — अल-काफिरून
अनुवाद — अल-काफिरून 4
सूरा अल-काफिरून आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहींसूरा आयत 4/6 — अल-काफिरून الكافرون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-काफिरून सुनें, अल-काफिरून अनुवाद, अल-काफिरून mp3, अल-काफिरून pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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