अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَرِيبٌ (क़रीब): अत्यंत निकट, ज्ञान और उत्तर देने की दृष्टि से।
- أُجِيبُ (उजीबु): मैं स्वीकार करता हूँ, उत्तर देता हूँ।
- دَعْوَةَ الدَّاعِ (दअ्वतद्-दाअी): पुकारने वाले की पुकार, दुआ।
- فَلْيَسْتَجِيبُوا لِي (फ़ल्यस्तजीबू ली): तो उन्हें मेरी बात माननी चाहिए, मेरे आदेशों का पालन करना चाहिए।
- لَعَلَّهُمْ يَرْشُدُونَ (लअल्लहुम यरशुदून): ताकि वे सीधा मार्ग पा लें, भलाई और सफलता को प्राप्त कर लें।
विस्तृत तफ़सीर:
हे नबी! जब मेरे बंदे आपसे मेरे बारे में पूछें कि क्या हमारा रब हमसे दूर है या निकट? तो आप उन्हें बता दें कि मैं उनसे अत्यंत निकट हूँ। मैं उनके हालात, उनकी ज़रूरतों और उनकी पुकार को पूरी तरह जानता हूँ। मैं उनके और अपने बीच किसी माध्यम या पर्दे की ज़रूरत नहीं रखता। जब कोई बंदा सच्चे दिल से, पूरी लगन और अकेले मुझसे दुआ माँगता है, तो मैं उसकी दुआ सुनता हूँ और उसे स्वीकार करता हूँ। मेरी निकटता का यह अर्थ नहीं कि मैं किसी स्थान में हूँ, बल्कि मेरा ज्ञान, मेरी सुनवाई और मेरी दया हर जगह और हर समय बंदों के साथ है।
इसलिए, हे बंदो! जब मैं तुम्हारे इतना निकट हूँ और तुम्हारी दुआएँ सुनता हूँ, तो तुम भी मेरी पुकार का उत्तर दो। मैंने तुम्हें अपने आदेशों और निषेधों के माध्यम से बुलाया है, इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो और मेरे निषेधों से बचो। मुझ पर पूर्ण विश्वास रखो, मेरे वादों पर भरोसा करो और मेरे साथ किसी को साझी न बनाओ। यही वह रास्ता है जो तुम्हें सीधा मार्ग दिखाएगा, तुम्हारे दिलों को सुकून देगा, तुम्हारे कामों को सुधारेगा और तुम्हें दुनिया और आख़िरत की भलाई तक पहुँचाएगा।
याद रखो, दुआ एक ऐसा हथियार है जो कभी निष्फल नहीं होता। जब तुम मुसीबत में हो, जब तुम अकेले महसूस करो, जब तुम्हारे पास कोई सहारा न हो, तो मेरी ओर रुख करो। मैं तुम्हारी पुकार सुनता हूँ और अपनी बुद्धि और कृपा के अनुसार तुम्हें उत्तर देता हूँ। कभी-कभी मैं तुम्हें वही देता हूँ जो तुम माँगते हो, कभी उससे बेहतर देता हूँ, और कभी तुम्हारे लिए किसी बुराई को टाल देता हूँ। इसलिए मुझसे दुआ करते रहो, मेरी रहमत से निराश मत होना, और जान लो कि मेरी निकटता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि मैंने तुम्हें अपनी ओर बुलाया है और तुम्हें सीधा रास्ता दिखाया है।
यह आयत मोमिनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि उनका रब उनसे इतना प्यार करता है कि उसने खुद उन्हें बताया कि वह उनके निकट है। तो इस निकटता का लाभ उठाओ, अपनी दुआओं को मजबूत बनाओ, अपने दिलों को उसकी याद से जोड़ो, और उसकी आज्ञाओं पर चलो। यही सच्ची सफलता है, और यही वह रास्ता है जो तुम्हें जन्नत की ओर ले जाएगा।
📜 आयत 184-188 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 186
सूरा अल-बकरा आयत 186 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) जब मेरे बन्दे मेरा हाल तुमसे पूछे तो…सूरा आयत 186/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 184–188. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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