अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- النَّازِعَاتِ: अर्थात वे (फ़रिश्ते) जो खींचकर निकालते हैं।
- غَرْقًا: अर्थात बहुत ज़ोर से और सख़्ती के साथ खींचना, जैसे पानी में डूबते हुए व्यक्ति की साँसें खींची जाती हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में क़सम खाई है उन फ़रिश्तों की जो काफ़िरों की रूहें (आत्माएँ) उनके शरीर से बड़ी सख़्ती और ज़ोर से खींचकर निकालते हैं। यह निकालना इतना कठिन और दर्दनाक होता है कि जैसे कोई चीज़ पानी में गहराई तक डूबी हो और उसे बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला जाए। यह उन लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो अल्लाह की नाफ़रमानी में डूबे हुए हैं।
यह क़सम उस महान शक्ति की ओर इशारा करती है जो अल्लाह ने अपने फ़रिश्तों को दी है। जिस तरह फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से रूहें खींचते हैं, उसी तरह अल्लाह की क़ुदरत हर चीज़ पर हावी है। यह आयत हमें याद दिलाती है कि मौत एक हक़ीक़त है और हर इंसान को एक दिन इसका सामना करना है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे बिता रहे हैं। क्या हम उन लोगों में से हैं जिनकी रूहें आराम से निकाली जाएँगी, या उनमें से हैं जिनकी रूहें सख़्ती से खींची जाएँगी? अल्लाह ने हमें मौका दिया है कि हम तौबा करें, अपने अमाल सुधारें और उसकी रहमत के साये में आ जाएँ। अल्लाह बड़ा मेहरबान और रहीम है, वह चाहता है कि हम उसकी ओर लौटें। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसके हुक्मों पर चलने में गुज़ारें, ताकि उस दिन हमारी रूहें आराम और सुकून के साथ निकाली जाएँ और हमें जन्नत की ख़ुशख़बरी मिले।
📜 आयत 1-3 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 1
सूरा अन-नाज़ियात आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन (फ़रिश्तों) की क़समसूरा आयत 1/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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