अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- النَّاشِطَاتِ: वे (फ़रिश्ते) जो आसानी से और नरमी से खींचते हैं।
- نَشْطًا: आसानी से, नरमी से, बिना किसी सख्ती के।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो मोमिनों की रूहों को उनके शरीर से बड़ी ही नरमी, आसानी और मुहब्बत के साथ खींचते हैं। जिस तरह एक दयालु व्यक्ति किसी बंधन को खोलते समय नरमी बरतता है, उसी तरह ये फ़रिश्ते मोमिन बंदे की रूह को उसके शरीर से इस तरह निकालते हैं कि उसे कोई तकलीफ़ या दर्द महसूस नहीं होता। यह अल्लाह की उस रहमत का इज़हार है जो वह अपने नेक बंदों के साथ मौत के वक़्त भी करता है।
यह क़सम इस बात की ताकीद के लिए है कि क़यामत का दिन आकर रहेगा, और हर इंसान को उसके अमल का हिसाब दिया जाएगा। जिस तरह अल्लाह ने मोमिनों की रूह निकालने के लिए नरम और मेहरबान फ़रिश्ते मुक़र्रर किए हैं, उसी तरह वह अपने नेक बंदों के साथ आख़िरत में भी रहमत और इनाम का मामला करेगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि मौत से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसके लिए तैयार रहना चाहिए। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए मौत का वक़्त भी रहमत और सुकून का वक़्त होता है। अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को कभी तकलीफ़ में नहीं डालता, बल्कि उनकी रूह को इस तरह क़ब्ज़ करता है जैसे कोई प्यारा दोस्त किसी को गले लगाता है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएं, ताकि मौत के वक़्त हमें आसानी और रहमत मिले, और आख़िरत में भी हमारा अंजाम खुशगवार हो। यही कामयाबी है, और यही अल्लाह का वादा है जो कभी टलने वाला नहीं।
📜 आयत 1-4 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 2
सूरा अन-नाज़ियात आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो (कुफ्फ़ार की रूह) डूब कर सख्ती से खींच लेते…सूरा आयत 2/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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