सूरा अन-नाज़ियात अरबी और हिंदी
सूरा अन-नाज़ियात को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (46 आयत — مكية). अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf.सूरा अन-नाज़ियात पढ़ें और सुनें
🎧 आयत
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Mishary Rashid Alafasy
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Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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Maher Al Muaiqly
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x1
يَوْمَ تَرْجُفُ الرَّاجِفَةُ ٦
📖 अनुवाद
आयत 6
फिर (दुनिया के) इन्तज़ाम करते हैं (उनकी क़सम) कि क़यामत हो कर रहेगी
يَقُولُونَ أَإِنَّا لَمَرْدُودُونَ فِي الْحَافِرَةِ ١٠
📖 अनुवाद
आयत 10
कुफ्फ़ार कहते हैं कि क्या हम उलटे पाँव (ज़िन्दगी की तरफ़) फिर लौटेंगे
قَالُوا تِلْكَ إِذًا كَرَّةٌ خَاسِرَةٌ ١٢
📖 अनुवाद
आयत 12
कहते हैं कि ये लौटना तो बड़ा नुक़सान देह है
هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ ١٥
📖 अनुवाद
आयत 15
(ऐ रसूल) क्या तुम्हारे पास मूसा का किस्सा भी पहुँचा है
إِذْ نَادَاهُ رَبُّهُ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى ١٦
📖 अनुवाद
आयत 16
जब उनको परवरदिगार ने तूवा के मैदान में पुकारा
فَقُلْ هَل لَّكَ إِلَىٰ أَن تَزَكَّىٰ ١٨
📖 अनुवाद
आयत 18
(और उससे) कहो कि क्या तेरी ख्वाहिश है कि (कुफ्र से) पाक हो जाए
وَأَهْدِيَكَ إِلَىٰ رَبِّكَ فَتَخْشَىٰ ١٩
📖 अनुवाद
आयत 19
और मैं तुझे तेरे परवरदिगार की राह बता दूँ तो तुझको ख़ौफ (पैदा) हो
فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ ٢٤
📖 अनुवाद
आयत 24
तो कहने लगा मैं तुम लोगों का सबसे बड़ा परवरदिगार हूँ
فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَكَالَ الْآخِرَةِ وَالْأُولَىٰ ٢٥
📖 अनुवाद
आयत 25
तो ख़ुदा ने उसे दुनिया और आख़ेरत (दोनों) के अज़ाब में गिरफ्तार किया
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبْرَةً لِّمَن يَخْشَىٰ ٢٦
📖 अनुवाद
आयत 26
बेशक जो शख़्श (ख़ुदा से) डरे उसके लिए इस (किस्से) में इबरत है
أَأَنتُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَمِ السَّمَاءُ ۚ بَنَاهَا ٢٧
📖 अनुवाद
आयत 27
भला तुम्हारा पैदा करना ज्यादा मुश्किल है या आसमान का
وَأَغْطَشَ لَيْلَهَا وَأَخْرَجَ ضُحَاهَا ٢٩
📖 अनुवाद
आयत 29
फिर उसे दुरूस्त किया और उसकी रात को तारीक बनाया और (दिन को) उसकी धूप निकाली
مَتَاعًا لَّكُمْ وَلِأَنْعَامِكُمْ ٣٣
📖 अनुवाद
आयत 33
(ये सब सामान) तुम्हारे और तुम्हारे चारपायो के फ़ायदे के लिए है
فَإِذَا جَاءَتِ الطَّامَّةُ الْكُبْرَىٰ ٣٤
📖 अनुवाद
आयत 34
तो जब बड़ी सख्त मुसीबत (क़यामत) आ मौजूद होगी
يَوْمَ يَتَذَكَّرُ الْإِنسَانُ مَا سَعَىٰ ٣٥
📖 अनुवाद
आयत 35
जिस दिन इन्सान अपने कामों को कुछ याद करेगा
وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِمَن يَرَىٰ ٣٦
📖 अनुवाद
आयत 36
और जहन्नुम देखने वालों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी
وَأَمَّا مَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِ وَنَهَى النَّفْسَ عَنِ الْهَوَىٰ ٤٠
📖 अनुवाद
आयत 40
मगर जो शख़्श अपने परवरदिगार के सामने खड़े होने से डरता और जी को नाजायज़ ख्वाहिशों से रोकता रहा
يَسْأَلُونَكَ عَنِ السَّاعَةِ أَيَّانَ مُرْسَاهَا ٤٢
📖 अनुवाद
आयत 42
(ऐ रसूल) लोग तुम से क़यामत के बारे में पूछते हैं
إِنَّمَا أَنتَ مُنذِرُ مَن يَخْشَاهَا ٤٥
📖 अनुवाद
आयत 45
उस (के इल्म) की इन्तेहा तुम्हारे परवरदिगार ही तक है तो तुम बस जो उससे डरे उसको डराने वाले हो
كَأَنَّهُمْ يَوْمَ يَرَوْنَهَا لَمْ يَلْبَثُوا إِلَّا عَشِيَّةً أَوْ ضُحَاهَا ٤٦
📖 अनुवाद
आयत 46
जिस दिन वह लोग इसको देखेंगे तो (समझेंगे कि दुनिया में) बस एक शाम या सुबह ठहरे थे
पढ़ें सूरा अन-नाज़ियात हिंदी अनुवाद – अरबी पाठ और ऑडियो
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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