अश-शरह · 5/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शरह
فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا ۝٥
Fa inna ma`al usri yusra
📖 हिंदी अर्थ
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अल-उस्र (العُسْرِ): कठिनाई, तंगी, संकट, दुःख।
  • युस्र (يُسْرًا): आसानी, सहूलियत, राहत, फ़राज (रिहाई)।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को और उनके ज़रिये पूरी उम्मत को एक बहुत बड़ी खुशख़बरी दे रहे हैं। जब ज़िन्दगी में मुश्किलें, तकलीफ़ें और संकट हद से बढ़ जाएँ, तो दिल घबराने लगता है और इंसान सोचता है कि शायद अब कोई रास्ता नहीं। लेकिन अल्लाह फ़रमा रहा है कि कठिनाई के साथ ही आसानी है। यानी जिस तरह रात के बाद सुबह आती है, उसी तरह हर संकट के बाद राहत का दौर आता है। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है जो कभी नहीं बदलती।

इस आयत का मतलब यह नहीं कि मुश्किल के बाद आसानी आएगी, बल्कि अल्लाह ने यहाँ दो बार यह बात दोहराई है (अगली आयत में भी) ताकि मोमिन का दिल पूरी तरह मुत्मइन हो जाए। कठिनाई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अल्लाह की रहमत उससे बड़ी है। जब नबी ﷺ को मक्का में सख्त से सख्त अज़िय्यतें (तकलीफें) दी गईं, तो अल्लाह ने यही वादा दिया कि हर उस्र (कठिनाई) के साथ युस्र (आसानी) है। और हुआ भी ऐसा — हिजरत के बाद मदीना में इस्लाम को इज़्ज़त मिली, फ़त्हे मक्का हुआ और पूरे अरब में अल्लाह का दीन फैल गया।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हर उस इंसान के लिए रहमत है जो किसी मुसीबत में घिरा हुआ है। चाहे वह बीमारी हो, ग़रीबी हो, दुश्मनों का ज़ुल्म हो या दिल की टूटन — अल्लाह ने वादा किया है कि हर संकट के साथ राहत जुड़ी हुई है। एक मोमिन को कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि निराशा तो कुफ़्र है। अल्लाह पर भरोसा रखो, सब्र करो और यक़ीन रखो कि सुबह ज़रूर आएगी। यही वह चीज़ है जो मुसलमान को ताकत देती है — कि दुनिया की कोई ताकत उसे हरा नहीं सकती, जब तक उसका दिल अल्लाह के इस वादे पर कायम है। तो आज ही अपनी मुश्किलों को अल्लाह के सुपुर्द कर दो और उसकी राहत का इंतज़ार करो — क्योंकि वादा सच्चा है।



📜 आयत 3-7 — सूरा अश-शरह

3الَّذِي أَنقَضَ ظَهْرَكَ
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
4وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
5فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
6إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
7فَإِذَا فَرَغْتَ فَانصَبْ
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
अश-शरहकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अश-शरह 5

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सूरा आयत 5/8 — सूरा अश-शरह الشرح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शरह सुनें, सूरा अश-शरह अनुवाद, सूरा अश-शरह mp3, सूरा अश-शरह pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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