अश-शरह · 4/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शरह
وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ ۝٤
Wa raf `ana laka zikrak
📖 हिंदी अर्थ
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • رَفَعْنَا: हमने ऊँचा किया, बुलंद किया
  • ذِكْرَكَ: तुम्हारा ज़िक्र, तुम्हारी याद, तुम्हारा नाम

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ पर यह बड़ा एहसान फ़रमाया कि उनका ज़िक्र और नाम बुलंद किया। यानी अल्लाह ने अपने महबूब ﷺ का नाम अपने नाम के साथ जोड़ दिया। जब कहीं अल्लाह का ज़िक्र होता है, तो उसके साथ रसूलुल्लाह ﷺ का ज़िक्र भी होता है। अज़ान में, इक़ामत में, कलमा में, तशह्हुद में, ख़ुत्बों में — हर जगह अल्लाह के नाम के साथ उनका नाम लिया जाता है। यह उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और शरफ़ है।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों के ज़िक्र को बुलंद करता है। जो लोग अल्लाह की राह में मेहनत करते हैं, उनका नाम अल्लाह हमेशा के लिए ज़िंदा रखता है। इसके उलट, जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी में मशहूर होते हैं, उनका ज़िक्र भी बुराई के साथ होता है और आख़िरकार उनका नाम मिट जाता है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने नबी ﷺ की मुहब्बत को दिल में बसाना चाहिए और उनके तरीक़े पर चलना चाहिए। जो उनके साथ जुड़ता है, अल्लाह उसे भी इज़्ज़त देता है। हमें चाहिए कि हम अपने ज़िक्र की फ़िक्र न करें, बल्कि अल्लाह की रज़ा की फ़िक्र करें। जब अल्लाह किसी बंदे से राज़ी हो जाता है, तो उसका ज़िक्र खुद ब खुद बुलंद कर देता है।

यह आयत हमारे दिलों में यह उम्मीद पैदा करती है कि अगर हम अल्लाह की राह में भले काम करें, तो अल्लाह हमारा नाम भी अच्छाई के साथ ज़िंदा रखेगा। और सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि अल्लाह हमें अपने नबी ﷺ के साथ महशर में उठाए और उनकी शफ़ाअत से नवाज़े। आमीन।



📜 आयत 2-6 — सूरा अश-शरह

2وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ
और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
3الَّذِي أَنقَضَ ظَهْرَكَ
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
4وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
5فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
6إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
अश-शरहकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
4आयत

अनुवाद — अश-शरह 4

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सूरा आयत 4/8 — सूरा अश-शरह الشرح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शरह सुनें, सूरा अश-शरह अनुवाद, सूरा अश-शरह mp3, सूरा अश-शरह pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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