सूरा अल-इन्फितार
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सूरा अल-इन्फितार pdf — डाउनलोड (हिन्दी)
सूरा अल-इन्फितार pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अल-इन्फितार अनुवाद. अल-इन्फितार (मक्की) 19 आयत.
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सूरा अल-इन्फितार

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जब आसमान तर्ख़ जाएगा
ﭕﭖﭗﭘ
और जब तारे झड़ पड़ेंगे
ﭙﭚﭛﭜ
और जब दरिया बह (कर एक दूसरे से मिल) जाएँगे
ﭝﭞﭟﭠ
और जब कब्रें उखाड़ दी जाएँगी
ﭡﭢﭣﭤﭥﭦ
तब हर शख़्श को मालूम हो जाएगा कि उसने आगे क्या भेजा था और पीछे क्या छोड़ा था
ﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭ
ऐ इन्सान तुम्हें अपने परवरदिगार के बारे में किस चीज़ ने धोका दिया
ﭮﭯﭰﭱﭲ
जिसने तुझे पैदा किया तो तुझे दुरूस्त बनाया और मुनासिब आज़ा दिए
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹ
और जिस सूरत में उसने चाहा तेरे जोड़ बन्द मिलाए
ﭺﭻﭼﭽﭾ
हाँ बात ये है कि तुम लोग जज़ा (के दिन) को झुठलाते हो
ﭿﮀﮁﮂ
हालॉकि तुम पर निगेहबान मुक़र्रर हैं
ﮃﮄﮅ
बुर्ज़ुग लोग (फरिश्ते सब बातों को) लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन)
ﮆﮇﮈﮉ
जो कुछ तुम करते हो वह सब जानते हैं
ﮊﮋﮌﮍﮎ
बेशक नेको कार (बेहिश्त की) नेअमतों में होंगे
ﮏﮐﮑﮒﮓ
और बदकार लोग यक़ीनन जहन्नुम में जज़ा के दिन
ﮔﮕﮖﮗ
उसी में झोंके जाएँगे
ﮘﮙﮚﮛﮜ
और वह लोग उससे छुप न सकेंगे
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢ
और तुम्हें क्या मालूम कि जज़ा का दिन क्या है
ﮣﮤﮥﮦﮧﮨﮩ
फिर तुम्हें क्या मालूम कि जज़ा का दिन क्या चीज़ है
ﮪﮫﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕ
उस दिन कोई शख़्श किसी शख़्श की भलाई न कर सकेगा और उस दिन हुक्म सिर्फ ख़ुदा ही का होगा
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







