यासीन · 3/83
अनुवाद उच्चारण — सूरा यासीन
إِنَّكَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ ۝٣
Innaka laminal mursaleen
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम बिलाशक यक़ीनी पैग़म्बरों में से हो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • إِنَّكَ — निस्संदेह आप (ऐ पैग़म्बर)
  • لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ — अवश्य रसूलों (संदेशवाहकों) में से हैं

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ की पैग़म्बरी की पुष्टि की है। यहाँ अल्लाह तआला क़ुरआन-ए-करीम की क़सम खाकर फ़रमाता है कि ऐ मेरे रसूल! आप निश्चित रूप से उन रसूलों में से हैं जिन्हें अल्लाह ने अपने बंदों की हिदायत के लिए भेजा है। यह एक ऐसा दिव्य प्रमाण है जो आपकी रिसालत (पैग़म्बरी) की सच्चाई पर मुहर लगाता है।

यह आयत उन काफ़िरों के जवाब में उतरी जो कहते थे कि "आप रसूल नहीं हैं"। अल्लाह तआला ने अपने कलाम (क़ुरआन) की क़सम खाकर इस झूठ का खंडन किया और साबित किया कि मुहम्मद ﷺ सच्चे रसूल हैं। यह क़ुरआन ही सबसे बड़ा चमत्कार और प्रमाण है कि आप अल्लाह के भेजे हुए हैं — क्योंकि यह किताब अपनी फ़साहत (स्पष्टता), बलाग़त (वाक्पटुता) और अटल सत्यता में अद्वितीय है, जिसे कोई इंसान नहीं बना सकता।

आप ﷺ सीधे और सही रास्ते पर हैं — वह रास्ता जो इस्लाम है, जो तौहीद (एकेश्वरवाद), इबादत और अच्छे आचरण की ओर ले जाता है। यह रास्ता इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई देता है।

दावती पहलू:

यह आयत हर मुसलमान के दिल में नबी ﷺ की मुहब्बत और उन पर ईमान को मज़बूत करती है। जब अल्लाह खुद अपने नबी की गवाही देता है, तो हम पर फ़र्ज़ है कि हम उन पर पूरा यक़ीन रखें, उनकी सुन्नत (तरीके) पर चलें और उनके लाए हुए पैग़ाम को दुनिया तक पहुँचाएँ। यह आयत हमें बताती है कि नबी ﷺ की रिसालत पर ईमान लाना ही सच्ची कामयाबी की कुंजी है। आज भी जो कोई इस सच्चाई को क़बूल करता है और उनके बताए रास्ते पर चलता है, वही दुनिया और आख़िरत में सफल है। अल्लाह ने अपने नबी को रहमत बनाकर भेजा, और यह आयत उस रहमत की तस्दीक़ करती है — हमें चाहिए कि इस रहमत को ग़नीमत जानें और उस पर अमल करें।



📜 आयत 1-5 — सूरा यासीन

1يس
यासीन
2وَالْقُرْآنِ الْحَكِيمِ
इस पुरअज़ हिकमत कुरान की क़सम
3إِنَّكَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ
(ऐ रसूल) तुम बिलाशक यक़ीनी पैग़म्बरों में से हो
4عَلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ
(और दीन के बिल्कुल) सीधे रास्ते पर (साबित क़दम) हो
5تَنزِيلَ الْعَزِيزِ الرَّحِيمِ
जो बड़े मेहरबान (और) ग़ालिब (खुदा) का नाज़िल किया हुआ (है)
यासीनकुरान सूची
83आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — यासीन 3

सूरा यासीन आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम बिलाशक यक़ीनी पैग़म्बरों में से हो

सूरा आयत 3/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए