अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عين: स्रोत, चश्मा
- जारिया: बहती हुई, प्रवाहमान
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला ने जन्नत की एक और नेमत का वर्णन किया है। जन्नत में ऐसे चश्मे और स्रोत होंगे जो लगातार बहते रहेंगे, कभी सूखेंगे नहीं और कभी रुकेंगे नहीं। ये चश्मे इतने पवित्र और स्वच्छ होंगे कि इनका पानी देखने वालों की आँखों को ठंडक पहुँचाएगा। मोमिन इन चश्मों से जिस तरह चाहेंगे पानी पियेंगे और जहाँ चाहेंगे इन्हें प्रवाहित करेंगे। यह पानी कभी समाप्त नहीं होगा, बल्कि हमेशा बहता रहेगा।
यह वही जन्नत है जिसका वादा अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है। जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह की इबादत की, उनके आदेशों का पालन किया और उनकी मनाही से बचे, उनके लिए यह अनगिनत नेमतें तैयार हैं। जन्नत का हर कोना खुशियों से भरा होगा, हर जगह सुकून और आराम होगा। वहाँ न कोई थकान होगी, न कोई चिंता, न कोई दुख। बस हमेशा की खुशी और अल्लाह की रहमत का आनंद होगा।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर कितना कृपालु है। उसने अपने नेक बंदों के लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ हर तरह की आरामदायक चीज़ें मौजूद हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम दुनिया में अच्छे कर्म करें, अल्लाह की इबादत करें और उसके रास्ते पर चलें, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हो सकें जिन्हें यह अनमोल इनाम मिलेगा। याद रखें, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है। जो लोग इस छोटी सी ज़िंदगी में अल्लाह की राह पर चलेंगे, वे उस हमेशा की ज़िंदगी में सुख और शांति पाएंगे।
📜 आयत 10-14 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 12
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसमें चश्में जारी होंगेंसूरा आयत 12/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








