सूरा अल-ग़ाशिया अरबी और हिंदी

सूरा अल-ग़ाशिया को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (26 आयत — مكية). अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf.

सूरा अल-ग़ाशिया पढ़ें और सुनें

🎧 आयत
M Mishary Rashid Alafasy
M Mahmoud Khalil Al-Husary
A Abdurrahman As-Sudais
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi
A Abdul Basit Abdul Samad
A Ali Al-Hudhaify
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy
A Abu Bakr Ash-Shaatree
M Muhammad Ayyoub
A Abdullah Basfar
A Abdullah Al-Juhani
M Maher Al Muaiqly
x1
هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ الْغَاشِيَةِ ۝١
📖 अनुवाद आयत 1
भला तुमको ढाँप लेने वाली मुसीबत (क़यामत) का हाल मालुम हुआ है
وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ خَاشِعَةٌ ۝٢
📖 अनुवाद आयत 2
उस दिन बहुत से चेहरे ज़लील रूसवा होंगे
عَامِلَةٌ نَّاصِبَةٌ ۝٣
📖 अनुवाद आयत 3
(तौक़ व जंज़ीर से) मयक्क़त करने वाले
تَصْلَىٰ نَارًا حَامِيَةً ۝٤
📖 अनुवाद आयत 4
थके माँदे दहकती हुई आग में दाखिल होंगे
تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ آنِيَةٍ ۝٥
📖 अनुवाद आयत 5
उन्हें एक खौलते हुए चशमें का पानी पिलाया जाएगा
لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ ۝٦
📖 अनुवाद आयत 6
ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं
لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ ۝٧
📖 अनुवाद आयत 7
जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा
وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ ۝٨
📖 अनुवाद आयत 8
(और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगे
لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ ۝٩
📖 अनुवाद आयत 9
अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान
فِي جَنَّةٍ عَالِيَةٍ ۝١٠
📖 अनुवाद आयत 10
एक आलीशान बाग़ में
لَّا تَسْمَعُ فِيهَا لَاغِيَةً ۝١١
📖 अनुवाद आयत 11
वहाँ कोई लग़ो बात सुनेंगे ही नहीं
فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌ ۝١٢
📖 अनुवाद आयत 12
उसमें चश्में जारी होंगें
فِيهَا سُرُرٌ مَّرْفُوعَةٌ ۝١٣
📖 अनुवाद आयत 13
उसमें ऊँचे ऊँचे तख्त बिछे होंगे
وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌ ۝١٤
📖 अनुवाद आयत 14
और (उनके किनारे) गिलास रखे होंगे
وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌ ۝١٥
📖 अनुवाद आयत 15
और गाँव तकिए क़तार की क़तार लगे होंगे
وَزَرَابِيُّ مَبْثُوثَةٌ ۝١٦
📖 अनुवाद आयत 16
और नफ़ीस मसनदे बिछी हुई
أَفَلَا يَنظُرُونَ إِلَى الْإِبِلِ كَيْفَ خُلِقَتْ ۝١٧
📖 अनुवाद आयत 17
तो क्या ये लोग ऊँट की तरह ग़ौर नहीं करते कि कैसा अजीब पैदा किया गया है
وَإِلَى السَّمَاءِ كَيْفَ رُفِعَتْ ۝١٨
📖 अनुवाद आयत 18
और आसमान की तरफ कि क्या बुलन्द बनाया गया है
وَإِلَى الْجِبَالِ كَيْفَ نُصِبَتْ ۝١٩
📖 अनुवाद आयत 19
और पहाड़ों की तरफ़ कि किस तरह खड़े किए गए हैं
وَإِلَى الْأَرْضِ كَيْفَ سُطِحَتْ ۝٢٠
📖 अनुवाद आयत 20
और ज़मीन की तरफ कि किस तरह बिछायी गयी है
فَذَكِّرْ إِنَّمَا أَنتَ مُذَكِّرٌ ۝٢١
📖 अनुवाद आयत 21
तो तुम नसीहत करते रहो तुम तो बस नसीहत करने वाले हो
لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍ ۝٢٢
📖 अनुवाद आयत 22
तुम कुछ उन पर दरोग़ा तो हो नहीं
إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ ۝٢٣
📖 अनुवाद आयत 23
हाँ जिसने मुँह फेर लिया
فَيُعَذِّبُهُ اللَّهُ الْعَذَابَ الْأَكْبَرَ ۝٢٤
📖 अनुवाद आयत 24
और न माना तो ख़ुदा उसको बहुत बड़े अज़ाब की सज़ा देगा
إِنَّ إِلَيْنَا إِيَابَهُمْ ۝٢٥
📖 अनुवाद आयत 25
बेशक उनको हमारी तरफ़ लौट कर आना है
ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا حِسَابَهُم ۝٢٦
📖 अनुवाद आयत 26
फिर उनका हिसाब हमारे ज़िम्मे है
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88الغاشية Al-Ghashiyah 📚 26 आयत مكية

आयत-दर-आयत – सूरा अल-ग़ाशिया — 26 आयत




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Tuesday, August 18, 2026

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