अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَاغِيَةً: व्यर्थ की बात, झूठ, बेकार का शब्द, या कोई ऐसी बात जो गुनाह और बुराई पर आधारित हो।
तफसीर:
यह आयत उस महान नेमत और आराम का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत में तैयार की है। जन्नत वह पवित्र स्थान है जहाँ हर चीज़ पाक और साफ है, और वहाँ की बातचीत भी पूरी तरह पाक और सच्ची होगी। मोमिनों के चेहरे उस दिन खुशी और नेमत से चमक रहे होंगे, क्योंकि उन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की, उसके आदेशों का पालन किया और उसकी राह में भलाई के काम किए। वे अपने अच्छे आचरण और ईमान की वजह से जन्नत की ऊँची और आलीशान जगहों पर होंगे।
इस आयत में अल्लाह तआला फरमाता है कि जन्नत में वे कोई व्यर्थ, झूठी या बुरी बात नहीं सुनेंगे। वहाँ न तो कोई गुनाह की बात होगी, न किसी की बुराई की जाएगी, और न ही कोई ऐसा शब्द निकलेगा जो दिल को तकलीफ दे या जिससे किसी को ठेस पहुँचे। जन्नत की हर बातचीत सच्चाई, सलामती और पवित्रता से भरी होगी। वहाँ के लोग एक-दूसरे को सलाम कहेंगे, और उनकी बातें सिर्फ अच्छाई और खुशी की होंगी। यह उन लोगों के लिए एक बहुत बड़ी नेमत है, क्योंकि दुनिया में इंसान अक्सर झूठ, गीबत, बुरी बातें और व्यर्थ की बातें सुनता है, जो दिल को भारी कर देती हैं। लेकिन जन्नत में यह सब कुछ नहीं होगा।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि जिस तरह जन्नत की बातें पाक और सच्ची होंगी, उसी तरह हमें चाहिए कि दुनिया में भी अपनी ज़ुबान को झूठ, गीबत, चुगली और व्यर्थ की बातों से बचाएँ। जो इंसान दुनिया में अपनी ज़ुबान को अच्छाई और सच्चाई पर लगाएगा, अल्लाह तआला उसे उस जगह का मालिक बनाएगा जहाँ सिर्फ अच्छी और पाक बातें होंगी। यह हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह ने अपने बंदों के लिए ऐसा घर तैयार किया है जहाँ हर तरह का दुख, चिंता और बुराई नहीं होगी। हमें चाहिए कि इस नेमत को पाने के लिए अल्लाह की इबादत करें, उसके रास्ते पर चलें और अपनी ज़ुबान और दिल को पाक रखें। अल्लाह तआला अपने नेक बंदों से बहुत प्यार करता है और उन्हें ऐसी जगह देगा जहाँ हर तरह की खुशी और सुकून होगा।
📜 आयत 9-13 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 11
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वहाँ कोई लग़ो बात सुनेंगे ही नहींसूरा आयत 11/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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