अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَدَقَةً: यहाँ अर्थ है ज़कात (अनिवार्य दान) या वह धन जो अल्लाह की राह में दिया जाए।
- تُطَهِّرُهُمْ: उन्हें पवित्र करे, गुनाहों के मैल से साफ़ करे।
- وَتُزَكِّيهِم: उनके अच्छे कर्मों को बढ़ाए और उन्हें बरकत दे, या उन्हें नेकी के उच्च स्तर तक पहुँचाए।
- صَلِّ عَلَيْهِمْ: उनके लिए दुआ करो और उनकी मग़फिरत की प्रार्थना करो।
- سَكَنٌ: राहत, चैन और मन की तसल्ली।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! उन लोगों (तौबा करने वालों) के माल में से ज़कात और सदक़ा लीजिए, जिन्होंने अच्छे और बुरे कर्मों को मिलाया था और अपने गुनाहों पर पश्चाताप किया है। यह सदक़ा उनके गुनाहों की गंदगी को धोकर उन्हें पवित्र करता है और उनके अच्छे कर्मों को बढ़ाता है, उन्हें मुनाफ़िक़ों (कपटियों) के दर्जे से निकालकर मुख़लिस (सच्चे) लोगों के दर्जे तक उठाता है। और आप उनके लिए दुआ करें और उनकी मग़फिरत की प्रार्थना करें। बेशक आपकी दुआ उनके लिए रहमत, सुकून और दिल की तसल्ली का ज़रिया है। अल्लाह सब कुछ सुनने वाला है — वह आपकी दुआ और उनका इक़रार (स्वीकारोक्ति) सुनता है — और वह उनके कर्मों और नीयतों से भली-भाँति अवगत है। वह हर कर्म करने वाले को उसके कर्म का पूरा बदला देगा।
फ़ायदे (सबक़):
- ज़कात और सदक़ा सिर्फ़ एक आर्थिक इबादत नहीं, बल्कि यह गुनाहों से पवित्रता और आत्मा की तज़्किया (शुद्धि) का ज़रिया है। यह इंसान को अल्लाह के करीब लाता है और उसके दिल को साफ़ करता है।
- नबी की दुआ मोमिन के लिए बहुत बड़ी नेमत है — यह उसे सुकून, रहमत और अल्लाह की पनाह में ले आती है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने भाइयों के लिए दुआ करनी चाहिए, ख़ासकर उनके लिए जो तौबा करते हैं।
- यह आयत बताती है कि अल्लाह तौबा करने वालों को कितना प्यार करता है — वह उन्हें पवित्र करने के लिए सदक़ा का हुक्म देता है और नबी से उनके लिए मग़फिरत की दुआ करवाता है। यह अल्लाह की रहमत की खिड़की है जो हर गुनाहगार के लिए खुली है।
- इससे यह भी सीख मिलती है कि माल को सिर्फ़ अपनी ज़रूरतों के लिए नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसमें अल्लाह का हक़ भी है। जो अपने माल में से अल्लाह की राह में देता है, वह अपने लिए ही भलाई कमाता है।
- अल्लाह सुनने वाला और जानने वाला है — वह हमारी दुआओं, हमारे पश्चाताप और हमारी नीयतों को जानता है। यह हमें सच्चाई और ईमानदारी के साथ अल्लाह की ओर रुजू करने की तरग़ीब देता है।
📜 आयत 101-105 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 103
सूरा अत-तौबा आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उनके माल की ज़कात लो (और) इसकी…सूरा आयत 103/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







