Alam ya`lamooo annnal laaha huwa yaqbalut tawbata `an ibaadihee wa yaakhuzus sadaqaati wa annal laaha Huwat awwaabur Raheem
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
क्या इन लोगों ने इतने भी नहीं जाना यक़ीनन ख़ुदा बन्दों की तौबा क़ुबूल करता है और वही ख़ैरातें (भी) लेता है और इसमें शक़ नहीं कि वही तौबा का बड़ा कुबूल करने वाला मेहरबान है
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
کیا یہ لوگ نہیں جانتے کہ خدا ہی اپنے بندوں سے توبہ قبول فرماتا ہے اور صدقات (وخیرات) لیتا ہے اور بےشک خدا ہی توبہ قبول کرنے والا مہربان ہے
يَأْخُذُ الصَّدَقَاتِ: सदक़ों (दान) को क़बूल करता है और उसका अज्र (प्रतिफल) देता है।
التَّوَّابُ: बहुत अधिक तौबा क़बूल करने वाला।
الرَّحِيمُ: बहुत दयालु।
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या उन लोगों को, जो जिहाद से पीछे रह गए थे और तौबा नहीं कर रहे थे, यह मालूम नहीं कि अल्लाह ही वह है जो अपने बंदों की तौबा को क़बूल करता है? जब बंदा सच्चे दिल से अपने गुनाहों पर पछतावा करके अल्लाह की ओर लौटता है, तो अल्लाह उसकी तौबा को क़बूल करता है, चाहे वह कितना ही बड़ा गुनाहगार क्यों न हो। और वही सदक़ों (दान) को क़बूल करता है, हालाँकि वह उनका मोहताज नहीं है, बल्कि वह अपने बंदों के दान को अपनी रहमत से क़बूल करता है और उन्हें इसका बदला देता है। यह भी याद रखें कि अल्लाह ही तौबा क़बूल करने वाला और बहुत दयालु है। जब बंदे अपनी गलतियों से बाज़ आकर उसकी रज़ा की तरफ लौटते हैं, तो वह उन पर रहम करता है और उनके गुनाह माफ कर देता है। यह आयत उन लोगों के बारे में उतरी जिन्होंने तौबा करने वालों पर आपत्ति जताई थी कि ये लोग कल तक हमारे साथ नहीं बोलते थे, आज इन्हें क्या हो गया? अल्लाह ने फ़रमाया कि तौबा करने वालों की तौबा को क़बूल करना मेरी सुन्नत (रीति) है, और मैं तौबा करने वालों पर रहम करने वाला हूँ।
फ़ायदे (लाभ):
अल्लाह की रहमत बहुत विस्तृत है; वह हर उस बंदे की तौबा क़बूल करता है जो सच्चे दिल से उसकी ओर लौटता है, चाहे उसके गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों। यह बात गुनाहगारों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है।
सदक़ा (दान) देना अल्लाह को बहुत पसंद है, और वह इसे क़बूल करके उसका अज्र बढ़ाता है। इससे मुसलमानों को दान करने की प्रेरणा मिलती है।
तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला है; इंसान को कभी अल्लाह की रहमत से निराश नहीं होना चाहिए। यह इस्लाम की सबसे बड़ी शिक्षा है कि अल्लाह माफ करने वाला और दयालु है।
यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि जो लोग तौबा कर लें, उन्हें समाज में फिर से सम्मान देना चाहिए और उन पर उंगली नहीं उठानी चाहिए, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें माफ कर दिया है।
क्या इन लोगों ने इतने भी नहीं जाना यक़ीनन ख़ुदा बन्दों की तौबा क़ुबूल करता है और वही ख़ैरातें (भी) लेता है और इसमें शक़ नहीं कि वही तौबा का बड़ा कुबूल करने वाला मेहरबान है
और कुछ लोग हैं जिन्होंने अपने गुनाहों का (तो) एकरार किया (मगर) उन लोगों ने भले काम को और कुछ बुरे काम को मिला जुला (कर गोलमाल) कर दिया क़रीब है कि ख़ुदा उनकी तौबा कुबूल करे (क्योंकि) ख़ुदा तो यक़ीनी बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान हैं
(ऐ रसूल) तुम उनके माल की ज़कात लो (और) इसकी बदौलत उनको (गुनाहो से) पाक साफ करों और उनके वास्ते दुआएं ख़ैर करो क्योंकि तुम्हारी दुआ इन लोगों के हक़ में इत्मेनान (का बाइस है) और ख़ुदा तो (सब कुछ) सुनता (और) जानता है
क्या इन लोगों ने इतने भी नहीं जाना यक़ीनन ख़ुदा बन्दों की तौबा क़ुबूल करता है और वही ख़ैरातें (भी) लेता है और इसमें शक़ नहीं कि वही तौबा का बड़ा कुबूल करने वाला मेहरबान है
और (ऐ रसूल) तुम कह दो कि तुम लोग अपने अपने काम किए जाओ अभी तो ख़ुदा और उसका रसूल और मोमिनीन तुम्हारे कामों को देखेगें और बहुत जल्द (क़यामत में) ज़ाहिर व बातिन के जानने वाले (ख़ुदा) की तरफ लौटाए जाऎंगे तब वह जो कुछ भी तुम करते थे तुम्हें बता देगा
और कुछ लोग हैं जो हुक्मे ख़ुदा के उम्मीदवार किए गए हैं (उसको अख्तेयार है) ख्वाह उन पर अज़ाब करे या उन पर मेहरबानी करे और ख़ुदा (तो) बड़ा वाकिफकार हिकमत वाला है
सूराकुरान वेबसाइट की स्थापना पवित्र किताब और पाक सुन्नत की सेवा, अल्लाह की ओर बुलावा, और कुरान व सुन्नत के मार्ग पर धार्मिक विज्ञान को सुगम बनाने के एक विनम्र प्रयास के रूप में की गई थी। हम अल्लाह की प्रशंसा और उसके अनुग्रह के लिए धन्यवाद करते हैं, और उससे प्रार्थना करते हैं कि वह हमारे कार्यों को स्वीकार करे और उन्हें केवल उसके महान चेहरे के लिए विशुद्ध बनाए।