Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَقْبَلُ التَّوْبَةَ: तौबा को क़बूल करता है।
- يَأْخُذُ الصَّدَقَاتِ: सदक़ों (दान) को क़बूल करता है और उसका अज्र (प्रतिफल) देता है।
- التَّوَّابُ: बहुत अधिक तौबा क़बूल करने वाला।
- الرَّحِيمُ: बहुत दयालु।
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या उन लोगों को, जो जिहाद से पीछे रह गए थे और तौबा नहीं कर रहे थे, यह मालूम नहीं कि अल्लाह ही वह है जो अपने बंदों की तौबा को क़बूल करता है? जब बंदा सच्चे दिल से अपने गुनाहों पर पछतावा करके अल्लाह की ओर लौटता है, तो अल्लाह उसकी तौबा को क़बूल करता है, चाहे वह कितना ही बड़ा गुनाहगार क्यों न हो। और वही सदक़ों (दान) को क़बूल करता है, हालाँकि वह उनका मोहताज नहीं है, बल्कि वह अपने बंदों के दान को अपनी रहमत से क़बूल करता है और उन्हें इसका बदला देता है। यह भी याद रखें कि अल्लाह ही तौबा क़बूल करने वाला और बहुत दयालु है। जब बंदे अपनी गलतियों से बाज़ आकर उसकी रज़ा की तरफ लौटते हैं, तो वह उन पर रहम करता है और उनके गुनाह माफ कर देता है। यह आयत उन लोगों के बारे में उतरी जिन्होंने तौबा करने वालों पर आपत्ति जताई थी कि ये लोग कल तक हमारे साथ नहीं बोलते थे, आज इन्हें क्या हो गया? अल्लाह ने फ़रमाया कि तौबा करने वालों की तौबा को क़बूल करना मेरी सुन्नत (रीति) है, और मैं तौबा करने वालों पर रहम करने वाला हूँ।
फ़ायदे (लाभ):
- अल्लाह की रहमत बहुत विस्तृत है; वह हर उस बंदे की तौबा क़बूल करता है जो सच्चे दिल से उसकी ओर लौटता है, चाहे उसके गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों। यह बात गुनाहगारों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है।
- सदक़ा (दान) देना अल्लाह को बहुत पसंद है, और वह इसे क़बूल करके उसका अज्र बढ़ाता है। इससे मुसलमानों को दान करने की प्रेरणा मिलती है।
- तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला है; इंसान को कभी अल्लाह की रहमत से निराश नहीं होना चाहिए। यह इस्लाम की सबसे बड़ी शिक्षा है कि अल्लाह माफ करने वाला और दयालु है।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि जो लोग तौबा कर लें, उन्हें समाज में फिर से सम्मान देना चाहिए और उन पर उंगली नहीं उठानी चाहिए, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें माफ कर दिया है।
📜 आयत 102-106 — सूरा अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 104
सूरा अत-तौबा आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या इन लोगों ने इतने भी नहीं जाना यक़ीनन ख़ुदा…सूरा आयत 104/129 — सूरा अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तौबा सुनें, सूरा अत-तौबा अनुवाद, सूरा अत-तौबा mp3, सूरा अत-तौबा pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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