अल-माऊन · 1/7
अनुवाद उच्चारण — अल-माऊन
أَرَأَيْتَ الَّذِي يُكَذِّبُ بِالدِّينِ ۝١
Ara-aital lazee yu kazzibu bid deen
📖 हिंदी अर्थ
क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَرَأَيْتَ – क्या आपने देखा / क्या आपने जाना?
  • يُكَذِّبُ – झुठलाता है
  • بِالدِّينِ – प्रतिफल (बदले) और हिसाब-किताब को

व्याख्या:

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ से एक सवालिया अंदाज़ में फ़रमा रहा है: "क्या आपने उस शख्स को देखा जो रोज़े जज़ा (यानी क़यामत के दिन हिसाब-किताब और बदले) को झुठलाता है?"

यानी अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि क्या आप जानते हैं वह कौन है जो आख़िरत के दिन को नहीं मानता? जो यह सोचता है कि न कोई हिसाब है, न कोई जज़ा, न कोई दोज़ख़ है और न कोई जन्नत? यह वही इंसान है जो अपनी ज़िंदगी में किसी भी ज़िम्मेदारी को महसूस नहीं करता, क्योंकि उसे यक़ीन ही नहीं होता कि उसे कभी अपने कर्मों का हिसाब देना है।

यह आयत बताती है कि दीन को झुठलाने की जड़ यही है कि इंसान क़यामत और हिसाब पर ईमान न रखे। जब इंसान को यह यक़ीन हो जाए कि उसे मरने के बाद जी उठना है और उसके हर अच्छे-बुरे काम का हिसाब होगा, तो वह कभी बुराई की तरफ नहीं बढ़ता।

इस आयत में अल्लाह तआला ने "أَرَأَيْتَ" (क्या आपने देखा) का लफ्ज़ इस्तेमाल करके हमारा ध्यान उस शख्स की तरफ दिलाया है, ताकि हम उसके हाल पर ग़ौर करें और उससे सबक लें। यह एक ऐसा सवाल है जो हर उस इंसान के लिए चेतावनी है जो आख़िरत को भूलकर सिर्फ दुनिया की ख्वाहिशों में डूबा हुआ है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान का असली मतलब यह है कि हम यक़ीन रखें कि हमारा रब हमें ज़िंदा करके उठाएगा, हमसे हमारे अमल का हिसाब लेगा, और फिर हमें हमारे कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। यही वह चीज़ है जो इंसान को नेक बनाती है, उसे रिश्तेदारों के हक़ अदा करने, यतीमों की परवरिश करने और मोहताजों की मदद करने पर उभारती है।

आइए हम अपने दिलों में इस यक़ीन को मज़बूत करें कि हमारा हर काम लिखा जा रहा है, और एक दिन हमें अपने रब के सामने पेश होना है। यही यक़ीन हमें गुनाहों से रोकेगा और नेकियों की तरफ ले जाएगा। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-3 — अल-माऊन

1أَرَأَيْتَ الَّذِي يُكَذِّبُ بِالدِّينِ
क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
2فَذَٰلِكَ الَّذِي يَدُعُّ الْيَتِيمَ
ये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है
3وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ الْمِسْكِينِ
और मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता
अल-माऊनकुरान सूची
7आयत
मक्कीRevelation
1आयत

अनुवाद — अल-माऊन 1

सूरा अल-माऊन आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़…

सूरा आयत 1/7 — अल-माऊन الماعون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माऊन सुनें, अल-माऊन अनुवाद, अल-माऊन mp3, अल-माऊन pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए