Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُلْ (क़ुल): कह दीजिए।
- هُوَ (हुवा): वह (अल्लाह की ओर इशारा)।
- اللَّهُ (अल्लाह): अल्लाह तआला का विशेष नाम, जो सभी अच्छाइयों और कमाल सिफ़ात (गुणों) को समेटे हुए है।
- أَحَدٌ (अहद): एक, अकेला, जिसका कोई सानी (समकक्ष), कोई शरीक (साझीदार) और कोई मिसाल न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप कह दीजिए कि वह अल्लाह एक है। यानी अल्लाह तआला अपनी ज़ात (हस्ती), अपने सिफ़ात (गुणों), अपनी रुबूबियत (पालनहार होने) और अपनी उलूहियत (पूजा के योग्य होने) में बिल्कुल अकेला और बेमिसाल है। उसका कोई हमसर (बराबर वाला), कोई शरीक और कोई औलाद नहीं। वह हर कमाल (पूर्णता) का मालिक है, हर ऐब (कमी) से पाक है। उसकी ज़ात ऐसी है कि उसकी कोई मिसाल नहीं, उसके गुण ऐसे हैं कि किसी मख़लूक़ (प्राणी) के गुणों से मिलते-जुलते नहीं। वह अपनी जलाल (महानता) और इकराम (सम्मान) में अकेला है, उसका कोई नज़ीर (समान) नहीं।
यह आयत तौहीद (एकेश्वरवाद) की बुनियाद है। यह सिखाती है कि अल्लाह एक है, उसका कोई शरीक नहीं। इसी एकता का एलान इस्लाम की रूह (आत्मा) है। जब इंसान दिल से यह मान लेता है कि अल्लाह एक है, तो उसका दिल सिर्फ़ अल्लाह से जुड़ता है, सिर्फ़ उसी से डरता है, सिर्फ़ उसी से उम्मीद रखता है और सिर्फ़ उसी की इबादत करता है। यही वह पाक और सच्चा ईमान है जो इंसान को शिर्क (बहुदेववाद) की गंदगी से पाक करता है और उसे सच्ची आज़ादी और इत्मीनान देता है।
दावती पहलू (प्रचारात्मक पहलू):
ऐ अल्लाह के बंदो! यह आयत हमें वह आसान और प्यारा रास्ता दिखाती है जो हमें अल्लाह से जोड़ता है। जब हम यह मान लेते हैं कि अल्लाह एक है और वही हमारा रब है, तो हमारी ज़िंदगी में एक अजीब सुकून आ जाता है। हमें किसी और से डरने की ज़रूरत नहीं, किसी और के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं। हमारा दिल सिर्फ़ अल्लाह से जुड़ जाता है, और यही सबसे बड़ी नेमत (वरदान) है। यही वह कलिमा है जो इंसान को जहालत (अज्ञानता) की अंधेरों से निकालकर हिदायत (मार्गदर्शन) की रोशनी में लाती है। जो इंसान इस हक़ीक़त को समझ लेता है, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हो जाता है।
📜 आयत 1-3 — सूरा अल-इखलास
अनुवाद — अल-इखलास 1
सूरा अल-इखलास आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ख़ुदा एक हैसूरा आयत 1/4 — सूरा अल-इखलास الإخلاص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इखलास सुनें, सूरा अल-इखलास अनुवाद, सूरा अल-इखलास mp3, सूरा अल-इखलास pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इखलास
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


