अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصَّمَدُ (अस-समद): वह सर्वोच्च स्वामी जिसकी ओर सभी प्राणी अपनी आवश्यकताओं और हाजतों के लिए रुख करते हैं। वह ऐसा सरदार है जो अपनी सिफ़ात (गुणों) में पूर्ण और कमाल पर है, और जिसकी ओर हर मुश्किल में रुजू किया जाता है। उसके सिवा कोई भी ज़रूरत पूरी करने पर क़ादिर नहीं।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाता है: "अल्लाह अस-समद है।" यानी अल्लाह ही वह हस्ती है जो अपनी ज़ात, सिफ़ात और कमाल में अकेला है। वही वह सर्वोच्च स्वामी है जिसकी ओर तमाम मख़लूक़ात (सारी सृष्टि) अपनी हर ज़रूरत, हर हाजत और हर मुश्किल में रुख करती है। जब किसी को कोई चीज़ चाहिए होती है, जब कोई दुख या परेशानी आती है, तो सब की निगाहें सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ उठती हैं। वही उन ज़रूरतों को पूरा करने वाला है, और उसके सिवा कोई भी इन हाजतों को पूरा नहीं कर सकता। वह अपनी सिफ़ात (गुणों) में कमाल रखता है — इल्म में, क़ुदरत में, रहमत में, हिकमत में — और उसके सिवा कोई भी इन सिफ़ात में उसका हमसर (बराबरी करने वाला) नहीं।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी निगाहें सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ होनी चाहिए। जब हमें कोई ज़रूरत पड़े, जब हम किसी मुश्किल में हों, तो हमें सीधे अल्लाह से माँगना चाहिए — क्योंकि वही अस-समद है, वही सब कुछ कर सकता है। और यही तौहीद (एकेश्वरवाद) की असली रूह है — यह यक़ीन करना कि हर चीज़ का मालिक और हर हाजत का पूरा करने वाला सिर्फ़ अल्लाह है। यह आयत हमें अल्लाह पर भरोसा करने की तालीम देती है, और यह भी बताती है कि जो शख्स अल्लाह को अस-समद मानता है, उसका दिल कभी किसी और की तरफ़ नहीं झुकता, क्योंकि उसे यक़ीन होता है कि उसकी हर ज़रूरत का हल सिर्फ़ अल्लाह के पास है।
📜 आयत 1-4 — अल-इखलास
अनुवाद — अल-इखलास 2
सूरा अल-इखलास आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा बरहक़ बेनियाज़ हैसूरा आयत 2/4 — अल-इखलास الإخلاص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इखलास सुनें, अल-इखलास अनुवाद, अल-इखलास mp3, अल-इखलास pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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