Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَمْ يَلِدْ: न उसने किसी को जन्म दिया, न उसकी कोई संतान है।
- وَلَمْ يُولَدْ: और न वह किसी से पैदा हुआ, न उसका कोई जन्म है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला पाक और पवित्र है, वह हर उस चीज़ से ऊपर है जो मख़लूक़ात (सृष्टि) की सिफ़ात (विशेषताओं) से ताल्लुक़ रखती है। इस आयत में अल्लाह ने अपनी ज़ात को हर उस कमी से पाक बताया है जो मख़लूक़ात में पाई जाती है। अल्लाह न तो किसी का बाप है और न किसी का बेटा। वह किसी से पैदा नहीं हुआ और न ही उससे कोई पैदा होगा। यह उसकी ज़ात की कमाल (पूर्णता) की निशानी है कि वह अज़ली (अनादि) और अबदी (अनंत) है, उसका न कोई आरंभ है और न अंत।
यह आयत उन लोगों का खंडन करती है जो अल्लाह के लिए औलाद (संतान) का दावा करते हैं, चाहे वह मुशरिकीन (बहुदेववादी) हों जो फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहते थे, या ईसाई जो हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह का बेटा कहते हैं, या यहूद जो हज़रत उज़ैर (अलैहिस्सलाम) के बारे में ऐसा दावा करते थे। अल्लाह इन सब बातों से बिल्कुल पाक है।
यह भी स्पष्ट किया गया कि अल्लाह न किसी से पैदा हुआ और न किसी को जन्म देता है। क्योंकि जो कोई पैदा होता है या जन्म देता है, वह मख़लूक़ है, उसे किसी न किसी की ज़रूरत होती है। लेकिन अल्लाह तआला हर ज़रूरत से पाक है, वह आज़ाद है, सब कुछ उसी का मोहताज है और वह किसी का मोहताज नहीं।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की सबसे पवित्र और साफ़ तस्वीर पेश करती है। जब हम यह समझ लें कि अल्लाह न किसी का बाप है और न किसी का बेटा, तो हमारा दिल हर उस बात से पाक हो जाता है जो उसकी ज़ात के बारे में ग़लत ख़यालात पैदा करती है। यह हमें सिखाती है कि हम अल्लाह को उसी तरह पहचानें जैसे उसने खुद को पहचानाया है — एक अकेला, बेनियाज़, अज़ली और अबदी माबूद। जो शख्स इस हक़ीक़त को समझ ले, वह कभी किसी को अल्लाह का शरीक नहीं बनाएगा और न ही उसके लिए किसी औलाद का दावा करेगा। यही वह पाक ईमान है जो इंसान को जहन्नुम से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाता है। अल्लाह तआला हम सबको इस पाक अक़ीदे पर साबित-क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 1-4 — सूरा अल-इखलास
अनुवाद — अल-इखलास 3
सूरा अल-इखलास आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : न उसने किसी को जना न उसको किसी ने जना,सूरा आयत 3/4 — सूरा अल-इखलास الإخلاص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इखलास सुनें, सूरा अल-इखलास अनुवाद, सूरा अल-इखलास mp3, सूरा अल-इखलास pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इखलास
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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