अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اشْتَرَوُا: उन्होंने खरीदा, अर्थात बदला या विनिमय किया।
- الضَّلَالَةَ: गुमराही, सत्य पथ से भटकना।
- بِالْهُدَى: मार्गदर्शन के बदले में।
- وَالْعَذَابَ بِالْمَغْفِرَةِ: क्षमा के बदले में यातना को लिया।
- فَمَا أَصْبَرَهُمْ عَلَى النَّارِ: यह आश्चर्यजनक प्रशंसा है, अर्थात वे आग पर कितने धैर्यवान हैं! (व्यंग्य के रूप में)
विस्तृत तफसीर:
ये वे लोग हैं जिन्होंने हिदायत (मार्गदर्शन) को छोड़कर गुमराही को खरीद लिया, और अल्लाह की माफी को ठुकराकर उसके अज़ाब (यातना) को अपने लिए चुन लिया। यानी उन्होंने सच्चाई को जानते हुए भी जानबूझकर उसे छिपाया और उसके विपरीत चल पड़े। उन्होंने अपनी स्पष्ट समझ और ज्ञान के बावजूद अल्लाह की रहमत और मगफिरत को त्याग दिया और अपने लिए विनाश का रास्ता अपनाया।
अल्लाह तआला इस आयत में उनकी हालत पर अचंभा व्यक्त कर रहे हैं कि कैसे ये लोग उन कामों को करते हैं जो उन्हें जहन्नम की आग तक ले जाते हैं, और फिर भी वे इस आग के प्रति इतने निडर और बेपरवाह हैं। "فَمَا أَصْبَرَهُمْ عَلَى النَّارِ" — यह वाक्य उनके धैर्य पर ताज्जुब का इज़हार है, लेकिन यहाँ धैर्य का अर्थ प्रशंसा नहीं, बल्कि उनकी मूर्खता और अंधी जिद पर व्यंग्य है। वे ऐसे काम कर रहे हैं जो उन्हें आग में झोंक देंगे, फिर भी वे उस आग से डरते नहीं, जैसे उन्होंने उस आग को सहन करने का फैसला कर लिया हो!
यह आयत उन लोगों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो सच्चाई जानने के बाद भी उसे छिपाते हैं या उसके विरुद्ध काम करते हैं। वे अपने ज्ञान को बेचकर दुनिया के मामूली फायदे खरीद रहे हैं, लेकिन इसका परिणाम अल्लाह की यातना होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान को अपने ज्ञान और समझ का सही उपयोग करना चाहिए। अल्लाह ने हमें हिदायत दी है, हमें उसे पकड़ना चाहिए और उसे छोड़कर गुमराही की तरफ नहीं जाना चाहिए। जो लोग सच्चाई जानते हुए भी उसे छिपाते हैं या उसका मज़ाक उड़ाते हैं, वे अपने लिए बहुत बड़ा नुकसान खरीद रहे हैं। अल्लाह की मगफिरत और रहमत इतनी विशाल है कि अगर इंसान तौबा कर ले, तो उसके सारे गुनाह माफ हो सकते हैं। लेकिन जो लोग इस रहमत को ठुकराकर अज़ाब को चुनते हैं, वे सचमुच सबसे बड़े घाटे में हैं।
आओ, हम अपने जीवन में हिदायत को अपनाएँ, सच्चाई को फैलाएँ, और अल्लाह की मगफिरत के हकदार बनें। यही कामयाबी का रास्ता है, और यही हमें जहन्नम की आग से बचाकर जन्नत की राह दिखाएगा।
📜 आयत 173-177 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 175
सूरा अल-बकरा आयत 175 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही लोग वह हैं जिन्होंने हिदायत के बदले गुमराही मोल…सूरा आयत 175/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 173–177. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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