अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شِقَاقٍ: विरोध, झगड़ा, मतभेद
- بَعِيدٍ: बहुत दूर (सत्य से कोसों दूर)
व्याख्या:
यह आयत उन लोगों के भयानक अंजाम की ओर इशारा करती है जो अल्लाह की आयतों को छिपाते हैं और उन्हें बदलते हैं। यह यातना और दंड जो उनके लिए तैयार किया गया है, वह इसलिए है क्योंकि अल्लाह ने अपनी किताबें (तौरात, इंजील, कुरआन) सत्य के साथ उतारीं, जिसमें कोई संदेह नहीं और कोई विरोधाभास नहीं। ये किताबें मार्गदर्शन और स्पष्ट सत्य लेकर आईं, ताकि लोग उन पर ईमान लाएँ और उनके अनुसार चलें।
लेकिन जिन लोगों ने इन किताबों में मतभेद किया—कुछ पर ईमान लाया और कुछ को झुठलाया, कुछ को माना और कुछ को छिपाया—वे वास्तव में सत्य से बहुत दूर हो गए। उन्होंने अपनी मनमानी से अल्लाह की किताब को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जिससे वे हिदायत से भटक गए और अपने झगड़े और विरोध में डूब गए। यह विरोध और मतभेद उन्हें सीधे रास्ते से इतना दूर ले गया कि उनके और सत्य के बीच कोई संबंध नहीं रहा।
यह आयत उन यहूदियों और ईसाइयों के बारे में भी है जिन्होंने अपनी किताबों में आए अंतिम रसूल ﷺ के आगमन की खबरों को छिपाया और उन पर ईमान नहीं लाए। उन्होंने अपने धार्मिक नेताओं की बातों को अल्लाह की किताब पर प्राथमिकता दी और सत्य को छोड़कर अपनी मनगढ़ंत बातों पर चल पड़े।
शिक्षाएँ और लाभ:
- अल्लाह की हर किताब सत्य के साथ उतारी गई है, इसलिए उनमें कोई विरोधाभास नहीं हो सकता। जो लोग इनमें मतभेद पैदा करते हैं, वे वास्तव में सत्य से दूर हैं।
- अल्लाह की आयतों को छिपाना और उन्हें बदलना बहुत बड़ा पाप है, जिसकी सज़ा बहुत कठोर है।
- किताबों में मतभेद करने का मतलब है—कुछ मानना और कुछ न मानना। यही वह रास्ता है जो इंसान को हिदायत से भटका देता है।
- सच्चा मुसलमान वही है जो अल्लाह की सभी किताबों और सभी रसूलों पर बिना किसी भेदभाव के ईमान रखे।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अल्लाह की किताब को पूरी तरह अपनाना चाहिए, न कि उसमें से अपनी इच्छा के अनुसार चुन-चुनकर मानना। कुरआन हमारे लिए पूरा मार्गदर्शन है, और इसे पूर्ण रूप से अपनाना ही हमारी सफलता की कुंजी है।
📜 आयत 174-178 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 176
सूरा अल-बकरा आयत 176 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये इसलिए कि ख़ुदा ने बरहक़ किताब नाज़िल की और…सूरा आयत 176/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 174–178. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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