Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَوْلًا لَيِّنًا: नरम और नम्र बात, जिसमें कोई कठोरता न हो।
- يَتَذَكَّرُ: वह सीख ले, समझ जाए, या अपनी ग़लती से बाज़ आ जाए।
- يَخْشَىٰ: वह अल्लाह से डरे, उसका दिल उसके रब के खौफ से काँप उठे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) को फ़िरऔन के पास जाने का हुक्म दिया, जो अपनी सरकशी और कुफ्र में हद से गुज़र चुका था। अल्लाह ने उन दोनों को यह नसीहत दी कि जब तुम उससे बात करो तो बिल्कुल नरमी और नर्म लहजे में बात करना, सख्ती और तुनकमिज़ाजी से नहीं। उसके साथ ऐसी अंदाज़ में बात करो जिससे उसका दिल नरम पड़े और वह तुम्हारी बात को कान लगाकर सुने। यह नरमी इसलिए है कि शायद वह अपनी ग़लती पर पछताए, अपने रब को याद करे, और अपने किए पर शर्मिंदा होकर तौबा कर ले। या फिर उसके दिल में अल्लाह का खौफ पैदा हो जाए और वह अपनी सरकशी छोड़ दे।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें एक बहुत बड़ा सबक दे रहा है—दीन की दावत और अच्छी बात पहुँचाने का तरीक़ा यही है कि नरमी और मुहब्बत से बात की जाए, चाहे सामने वाला कितना ही बड़ा गुनाहगार या काफ़िर क्यों न हो। यहाँ अल्लाह खुद फ़िरऔन जैसे ज़ालिम के लिए भी नरम लहजे का हुक्म दे रहा है, तो हमें अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, दोस्तों और समाज के लोगों से कितनी नरमी और अदब से पेश आना चाहिए।
याद रखिए, नरम बात दिलों को मोम की तरह नरम कर देती है, जबकि सख्ती और बदतमीज़ी दिलों को और सख्त कर देती है। हमें चाहिए कि हम अपने बच्चों, अपने घरवालों और अपने आस-पास के लोगों को भी इसी अंदाज़ में समझाएँ, ताकि अल्लाह की रहमत हमारे साथ हो और हमारी बात उनके दिलों में असर करे। यही अल्लाह के नबियों का तरीक़ा है, और यही हमारे लिए कामयाबी का ज़रिया है।
📜 आयत 42-46 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 44
सूरा ताहा आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उससे (जाकर) नरमी से बातें करो ताकि वह नसीहत…सूरा आयत 44/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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