ताहा · 45/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
قَالَا رَبَّنَا إِنَّنَا نَخَافُ أَن يَفْرُطَ عَلَيْنَا أَوْ أَن يَطْغَىٰ ۝٤٥
Qaalaa Rabbanaaa innanaa nakhaafu ai yafruta `alainaaa aw ai yatghaa
📖 हिंदी अर्थ
दोनों ने अर्ज़ की ऐ हमारे पालने वाले हम डरते हैं कि कहीं वह हम पर ज्यादती (न) कर बैठे या ज्यादा सरकशी कर ले

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَفْرُطَ عَلَيْنَا: हम पर जल्दबाज़ी करे, यानी हमें सज़ा देने में जल्दी करे।
  • يَطْغَى: सीमा से आगे बढ़ जाए, अत्याचार और ज़ुल्म में हद से गुज़र जाए।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा और हज़रत हारून (अलैहिमुस्सलाम) ने अल्लाह तआला से दुआ करते हुए कहा: "ऐ हमारे रब! हमें डर है कि फ़िरऔन हम पर ज़ुल्म करने में जल्दबाज़ी न करे, यानी हमें तबाह करने या सज़ा देने में पहल न कर दे, इससे पहले कि हम उसे तेरा पैग़ाम पूरा पहुँचा पाएँ। और हमें यह भी डर है कि वह हमारे ख़िलाफ़ सीमा से आगे न बढ़ जाए, यानी अत्याचार और सरकशी में हद से गुज़रकर हमें क़त्ल करने या और किसी सख्त सज़ा पर न उतर आए।"

यह दुआ हज़रत मूसा और हारून (अलैहिमुस्सलाम) की इंसानी फ़ितरत का इज़हार है, क्योंकि फ़िरऔन अपने ज़माने का सबसे ज़ालिम और सरकश बादशाह था। उन्हें यह ख़ौफ़ था कि वह उनकी दावत सुनने से पहले ही उन पर हमला कर दे। लेकिन अल्लाह तआला ने उन्हें तसल्ली दी कि "डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ, सुनता और देखता हूँ।" यह हमारे लिए बहुत बड़ी सीख है कि जब हम किसी नेक काम की शुरुआत करें, तो अल्लाह पर भरोसा रखें और उसी से मदद माँगें। अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उनके दुश्मनों को रास्ते पर लाता है या उन्हें नीचा दिखाता है।

यह दुआ हमें सिखाती है कि नेक काम के दौरान अगर हमें किसी ज़ालिम या मुश्किल हालात का डर हो, तो हमें अल्लाह की पनाह लेनी चाहिए और उसी से दुआ करनी चाहिए। अल्लाह तआला अपने बंदों की दुआ सुनता है और उन्हें हर मुसीबत से निकालने की ताक़त रखता है। यही वजह है कि अल्लाह ने मूसा और हारून (अलैहिमुस्सलाम) की दुआ क़ुबूल की और फ़िरऔन को उनके सामने बेबस कर दिया। हमें भी चाहिए कि अपने हर काम में अल्लाह पर भरोसा करें और उसी से मदद माँगें, क्योंकि वही सबसे बड़ा मददगार है।



📜 आयत 43-47 — सूरा ताहा

43اذْهَبَا إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
तुम दोनों फिरऔन के पास जाओ बेशक वह बहुत सरकश हो गया है
44فَقُولَا لَهُ قَوْلًا لَّيِّنًا لَّعَلَّهُ يَتَذَكَّرُ أَوْ يَخْشَىٰ
फिर उससे (जाकर) नरमी से बातें करो ताकि वह नसीहत मान ले या डर जाए
45قَالَا رَبَّنَا إِنَّنَا نَخَافُ أَن يَفْرُطَ عَلَيْنَا أَوْ أَن يَطْغَىٰ
दोनों ने अर्ज़ की ऐ हमारे पालने वाले हम डरते हैं कि कहीं वह हम पर ज्यादती (न) कर बैठे या ज्यादा सरकशी कर ले
46قَالَ لَا تَخَافَا ۖ إِنَّنِي مَعَكُمَا أَسْمَعُ وَأَرَىٰ
फ़रमाया तुम डरो नहीं मैं तुम्हारे साथ हूँ (सब कुछ) सुनता और देखता हूँ
47فَأْتِيَاهُ فَقُولَا إِنَّا رَسُولَا رَبِّكَ فَأَرْسِلْ مَعَنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ وَلَا تُعَذِّبْهُمْ ۖ قَدْ جِئْنَاكَ بِآيَةٍ مِّن رَّبِّكَ ۖ وَالسَّلَامُ عَلَىٰ مَنِ اتَّبَعَ الْهُدَىٰ
ग़रज़ तुम दोनों उसके पास जाओ और कहो कि हम आप के परवरदिगार के रसूल हैं तो बनी इसराइल को हमारे साथ भेज दीजिए और उन्हें सताइए नहीं हम आपके पास आपके परवरदिगार का मौजिज़ा लेकर आए हैं और जो राहे रास्त की पैरवी करे उसी के लिए सलामती है
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
45आयत

अनुवाद — ताहा 45

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सूरा आयत 45/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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