Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَوَّأْنَا: हमने ठिकाना बताया, जगह निर्धारित की और उसे तैयार किया।
- مَكَانَ الْبَيْتِ: काबा (बैतुल्लाह) का स्थान।
- طَهِّرْ: पवित्र करो, साफ़ करो (शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों तरह की गंदगी से)।
- لِلطَّائِفِينَ: तवाफ़ (परिक्रमा) करने वालों के लिए।
- الْقَائِمِينَ: वहाँ ठहरने वाले (या खड़े होकर इबादत करने वाले)।
- الرُّكَّعِ السُّجُودِ: रुकू' और सजदा करने वाले (यानी नमाज़ पढ़ने वाले)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! उस समय को याद करो जब हमने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को काबा का वह स्थान दिखाया और निर्धारित किया, जो उस समय तक किसी को मालूम नहीं था। हमने उन्हें वहाँ बैतुल्लाह बनाने का आदेश दिया और उनसे कहा: "मेरे साथ किसी को शरीक मत करना, केवल मेरी ही इबादत करना। मेरे इस घर को हर तरह की गंदगी से पवित्र रखना — चाहे वह शारीरिक गंदगी हो, मूर्तियाँ हों, या फिर शिर्क और बिद'अत जैसी आध्यात्मिक गंदगी हो — ताकि यह घर उन लोगों के लिए पवित्र और उपयुक्त रहे जो इसका तवाफ़ करते हैं, जो वहाँ ठहरकर इबादत करते हैं, और जो रुकू' और सजदे के साथ नमाज़ अदा करते हैं।"
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का घर (काबा) दुनिया का सबसे पवित्र स्थान है। अल्लाह ने इसे हज़रत इब्राहीम के माध्यम से तवहीद (एकेश्वरवाद) का केंद्र बनाया। यहाँ से यह सबक मिलता है कि हमें अपने जीवन को भी शिर्क और गुनाहों से पवित्र रखना चाहिए, और अल्लाह के घर की तरह अपने दिल को भी साफ रखना चाहिए। जिस तरह काबा को तवाफ़ करने वालों और नमाज़ पढ़ने वालों के लिए पवित्र किया गया, उसी तरह हमारा दिल भी अल्लाह की इबादत और उसके ज़िक्र के लिए पवित्र होना चाहिए।
आज जब हम काबा की तरफ रुख करके नमाज़ पढ़ते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह वही घर है जिसे अल्लाह ने खुद पवित्र किया और हज़रत इब्राहीम को इसके निर्माण का आदेश दिया। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि अल्लाह ने हमें इस पवित्र घर से जोड़ा है। हमें चाहिए कि इस घर की तरफ मुंह करके जो भी दुआ माँगें, वह पूरे दिल से माँगें, और अपनी ज़िंदगी को भी अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के लिए समर्पित कर दें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 24-28 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 26
सूरा अल-हज आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब हमने इबराहीम…सूरा आयत 26/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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