Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अज़्ज़िन (وَأَذِّن): एलान करो, पुकारो, आवाज़ दो।
- रिजालन (رِجَالًا): पैदल चलकर आने वाले लोग।
- ज़ामिर (ضَامِر): दुबला-पतला ऊँट जो लंबी यात्रा से थका हुआ हो, लेकिन मतलब यहाँ कमज़ोरी नहीं, बल्कि यात्रा की थकान से हल्का हुआ जानवर है।
- फ़ज्ज (فَجّ): रास्ता, मार्ग।
- अमीक़ (عَمِيق): बहुत दूर, लंबा और दूर का रास्ता।
तफ़सीर:
यह आयत हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को संबोधित करते हुए अल्लाह तआला का वह आदेश है जब उन्होंने काबा की दीवारें खड़ी कर दीं। अल्लाह ने उनसे कहा: "ऐ इब्राहीम! तुम लोगों के बीच जाकर एलान करो कि वे हज के लिए आएँ।" यह एलान इतना प्रभावशाली था कि अल्लाह की क़ुदरत से यह आवाज़ पूरी दुनिया में पहुँच गई और तब से लेकर आज तक लाखों-करोड़ों लोग बुलावे पर लब्बैक कहते हुए उस पवित्र घर की ओर निकल पड़ते हैं।
अल्लाह ने बताया कि लोग किस हालत में आएँगे—कुछ पैदल चलकर, कुछ दुबले-पतले ऊँटों पर सवार होकर जो लंबी यात्रा से थक चुके होंगे। वे दूर-दूर के रास्तों से आएँगे, हर घाटी और हर दिशा से, ताकि वे अपने लिए फ़ायदे हासिल करें—अपने गुनाहों की माफ़ी, अपने अच्छे कर्मों का सवाब, और दुनिया की रोज़ी भी। वे अल्लाह का नाम लेंगे निर्धारित दिनों में क़ुर्बानी के जानवरों पर, और उनमें से खाएँगे भी और ग़रीबों को खिलाएँगे भी।
यह आयत हमें सिखाती है कि हज सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से एक प्यारा बुलावा है। जो बंदा इस बुलावे पर लब्बैक कहता है, वह दुनिया के सारे रिश्तों और मोह-माया को छोड़कर अपने मालिक की तरफ चल पड़ता है। यही वह सफ़र है जो दिल को साफ़ करता है, गुनाहों को धोता है और इंसान को नया जीवन देता है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हज को इबादत का ऐसा ज़रिया बनाया है जिसमें दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई है। जो लोग हज करते हैं, वे अल्लाह के मेहमान होते हैं। उनके गुनाह माफ़ हो जाते हैं और वे ऐसे पाक हो जाते हैं जैसे आज ही माँ के पेट से पैदा हुए हों। अल्लाह हम सबको अपने घर की ज़ियारत की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 25-29 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 27
सूरा अल-हज आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लोगों को हज की ख़बर कर दो कि लोग…सूरा आयत 27/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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