Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شَرَحَ اللهُ صَدْرَهُ: अल्लाह ने उसका सीना खोल दिया (यानी उसे समझने और कबूल करने की तौफ़ीक़ दी)।
- لِلْإِسْلَامِ: इस्लाम क़बूल करने और उसके आगे सर झुकाने के लिए।
- عَلَىٰ نُورٍ مِّن رَّبِّهِ: अपने रब की तरफ़ से रौशनी (हिदायत और बसीरत) पर है।
- لِلْقَاسِيَةِ قُلُوبُهُم: जिनके दिल सख्त हो गए हैं (अल्लाह की याद से प्रभावित नहीं होते)।
- مِّن ذِكْرِ اللَّهِ: अल्लाह की याद से (यानी जब अल्लाह का ज़िक्र किया जाए तो उनके दिल नरम नहीं होते)।
- ضَلَالٍ مُّبِينٍ: साफ़ और खुली गुमराही।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत दो तरह के लोगों के बीच स्पष्ट फ़र्क़ पेश करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है: जिस शख्स का सीना अल्लाह ने इस्लाम के लिए खोल दिया — यानी उसे इस्लाम क़बूल करने की तौफ़ीक़ दी, उसके दिल में ईमान की रोशनी डाली और उसे अपने दीन की तरफ़ रग़बत दी — तो वह अपने रब की तरफ़ से रौशनी और बसीरत पर होता है। वह हक़ को समझता है, उसे कबूल करता है और उस पर चलता है। उसका दिल अल्लाह की याद से नरम होता है, उसकी आँखें इबरत से भरी होती हैं, और उसका रूह इत्मिनान पाता है।
क्या ऐसा इंसान उस शख्स के बराबर हो सकता है जिसका दिल सख्त है, जो अल्लाह की याद से दूर भागता है और जिसका सीना हिदायत के लिए बंद है? हरगिज़ नहीं! ये दोनों कभी बराबर नहीं हो सकते।
फिर अल्लाह तआला सख्त दिलों वालों के लिए वील (हलाकत और तबाही) की धमकी देता है — यानी जिनके दिल अल्लाह के ज़िक्र से नरम नहीं होते, जब उन्हें अल्लाह की आयतें सुनाई जाती हैं तो उनके दिल और सख्त हो जाते हैं, और वे हक़ से मुँह मोड़ लेते हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि ऐसे लोग साफ़ और खुली गुमराही में हैं — यानी उनकी गुमराही कोई छुपी हुई नहीं, बल्कि हर समझदार इंसान पर ज़ाहिर है।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें बताता है कि हिदायत और गुमराही का फ़र्क़ साफ़ है। जो दिल अल्लाह के लिए खुला है, वह नूर पर है; और जो दिल सख्त है, वह अंधेरे में है। यह आयत हमें दावत देती है कि हम अपने दिलों को नरम करें, अल्लाह के ज़िक्र से जोड़ें, और उसकी रहमत की तरफ़ रग़बत रखें। अल्लाह उस बंदे पर बड़ा फज़ल करता है जिसका सीना इस्लाम के लिए खोल देता है — यह सबसे बड़ी नेमत है।
और यह भी याद रखें कि दिल की सख्ती सबसे बड़ी आफ़त है। जब दिल सख्त हो जाए, तो नसीहत असर नहीं करती, आयतें दिल में उतरती नहीं, और इंसान धीरे-धीरे हक़ से दूर होता चला जाता है। अल्लाह हमें सख्त दिली से बचाए और हमारे दिलों को अपने ज़िक्र से नरम करे। आमीन।
📜 आयत 20-24 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 22
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या वह शख्स जिस के सीने को खुदा ने…सूरा आयत 22/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


