अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَفَّرَ عَنْهُمْ: उनके गुनाहों को मिटा दिया, ढक दिया और माफ कर दिया।
- سَيِّئَاتِهِمْ: उनके बुरे कर्म और पाप।
- أَصْلَحَ بَالَهُمْ: उनकी हालत और स्थिति को सुधार दिया, उनके दुनिया और आखिरत के मामलों को बेहतर बना दिया।
तफसीर:
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जिन्होंने अल्लाह पर ईमान लाया, उसके हुक्मों पर अमल किया और उस किताब (कुरआन) पर भी ईमान लाए जो हज़रत मुहम्मद ﷺ पर उतारी गई। यह किताब उनके रब की तरफ से आया हुआ सच्चा और हक़ है, जिसमें कोई शक नहीं। अल्लाह तआला ने ऐसे लोगों से वादा किया है कि वह उनके गुनाहों को माफ कर देगा, उन्हें ढक देगा और उन पर उनके बुरे कर्मों की सज़ा नहीं देगा। साथ ही, अल्लाह उनकी हालत को सुधार देगा—दुनिया में भी और आखिरत में भी। यानी अल्लाह उन्हें अच्छी ज़िंदगी देगा, उनके कामों में बरकत डालेगा, उनके दिलों को सुकून देगा और आखिरत में उन्हें जन्नत अता करेगा।
यह आयत उन अंसार (मदीना के मुसलमानों) के बारे में भी है जिन्होंने नबी ﷺ की मदद की और उन्हें पनाह दी, लेकिन यह हुक्म आम है—हर उस मुसलमान के लिए है जो ईमान लाए, नेक अमल करे और कुरआन को सच्चा माने। अल्लाह का वादा है कि वह ऐसे लोगों के पाप मिटा देगा और उनके हालात सुधार देगा।
दावती पहलू:
यह आयत मोमिनों के लिए खुशखबरी है। अल्लाह तआला अपने बंदों पर इतना मेहरबान है कि अगर वे ईमान लाएँ और नेक काम करें, तो अल्लाह उनके पापों को मिटा देता है और उनकी ज़िंदगी को हर पहलू से बेहतर बना देता है। यह अल्लाह की रहमत की दौलत है। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, कुरआन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ और नेक अमल करते रहें। अल्लाह का वादा सच्चा है—जो लोग उस पर भरोसा करेंगे, अल्लाह उन्हें कभी निराश नहीं करेगा। यही सच्ची कामयाबी है कि इंसान के गुनाह माफ हों और उसकी हालत सुधर जाए। हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए और अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए।
📜 आयत 1-4 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 2
सूरा आयत 2/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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