मुहम्मद · 1/38
अनुवाद उच्चारण — मुहम्मद
الَّذِينَ كَفَرُوا وَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ أَضَلَّ أَعْمَالَهُمْ ۝١
Allazeena kafaroo wa saddoo`an sabeelil laahi adalla a`maalahum
📖 हिंदी अर्थ
जिन लोगों ने कुफ़्र एख्तेयार किया और (लोगों को) ख़ुदा के रास्ते से रोका ख़ुदा ने उनके आमाल अकारत कर दिए
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَفَرُوا: अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, अल्लाह की वह़दानियत (एकत्व) को नहीं माना।
  • صَدُّوا: रोका, बाधा डाली — खुद भी रास्ते से हटे और दूसरों को भी रोका।
  • سَبِيلِ الله: अल्लाह का रास्ता, यानी इस्लाम — वह शरीअत और राह जिसकी ओर अल्लाह ने बुलाया।
  • أَضَلَّ: बर्बाद कर दिया, नष्ट कर दिया, बेकार कर दिया।
  • أَعْمَالَهُمْ: उनके काम, उनके अच्छे काम भी (जैसे खाना खिलाना, रिश्तेदारों से मिलना)।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के हाल को बयान करती है जिन्होंने अल्लाह का इनकार किया और उसके दीन (इस्लाम) से लोगों को रोका। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने फरमाया कि उसने उनके सारे अच्छे कामों को भी अकारथ कर दिया — यानी उनके नेक काम, जैसे भूखों को खाना खिलाना, रिश्तेदारों से अच्छा सलूक करना, मेहमाननवाज़ी — इन सबका कोई सवाब उन्हें नहीं मिलेगा, क्योंकि उनका ईमान ही नहीं है। जिस दरख्त की जड़ ही न हो, उसके फल कैसे लग सकते हैं? ईमान ही वह जड़ है जिस पर अच्छे कामों का दरख्त उगता है और आख़िरत में फल देता है।

यहाँ अल्लाह तआला ने साफ कर दिया कि कुफ्र (इनकार) और दूसरों को अल्लाह के रास्ते से रोकना — ये दो ऐसे गुनाह हैं जो इंसान के सारे अच्छे कामों को मिटा देते हैं। मक्का के काफिरों ने न सिर्फ खुद ईमान नहीं लाया, बल्कि रसूलुल्लाह ﷺ को मक्का से निकाला और दूसरे लोगों को भी इस्लाम कबूल करने से रोका। उनकी यह साजिशें और रुकावटें उनके किसी काम की न आईं — अल्लाह ने उनके सारे काम बर्बाद कर दिए।

इस आयत से हमें सबक मिलता है कि ईमान ही असल चीज़ है। बगैर ईमान के नेक कामों का कोई वजन नहीं। और साथ ही यह भी सीख मिलती है कि जो लोग दूसरों को अल्लाह के रास्ते से रोकते हैं, वे सबसे बड़े नुकसान में हैं — उनके अच्छे काम भी उन्हें क़यामत के दिन काम नहीं आएंगे। अल्लाह हमें सच्चे ईमान और अच्छे कामों की तौफीक दे — आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-3 — मुहम्मद

1الَّذِينَ كَفَرُوا وَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ أَضَلَّ أَعْمَالَهُمْ
जिन लोगों ने कुफ़्र एख्तेयार किया और (लोगों को) ख़ुदा के रास्ते से रोका ख़ुदा ने उनके आमाल अकारत कर दिए
2وَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَآمَنُوا بِمَا نُزِّلَ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَهُوَ الْحَقُّ مِن رَّبِّهِمْ ۙ كَفَّرَ عَنْهُمْ سَيِّئَاتِهِمْ وَأَصْلَحَ بَالَهُمْ
और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे (अच्छे) काम किए और जो (किताब) मोहम्मद पर उनके परवरदिगार की तरफ से नाज़िल हुई है और वह बरहक़ है उस पर ईमान लाए तो ख़ुदा ने उनके गुनाह उनसे दूर कर दिए और उनकी हालत संवार दी
3ذَٰلِكَ بِأَنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا اتَّبَعُوا الْبَاطِلَ وَأَنَّ الَّذِينَ آمَنُوا اتَّبَعُوا الْحَقَّ مِن رَّبِّهِمْ ۚ كَذَٰلِكَ يَضْرِبُ اللَّهُ لِلنَّاسِ أَمْثَالَهُمْ
ये इस वजह से कि काफिरों ने झूठी बात की पैरवी की और ईमान वालों ने अपने परवरदिगार का सच्चा दीन एख्तेयार किया यूँ ख़ुदा लोगों के समझाने के लिए मिसालें बयान करता है
मुहम्मदकुरान सूची
38आयत
मदनीRevelation
1आयत

अनुवाद — मुहम्मद 1

सूरा मुहम्मद आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन लोगों ने कुफ़्र एख्तेयार किया और (लोगों को) ख़ुदा…

सूरा आयत 1/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए