Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अल-मुख़ल्लफ़ीन – पीछे छूट जाने वाले (जो जिहाद में शामिल नहीं हुए)
- अल-आ'राब – बद्दू (ग्रामीण अरब)
- उलू बा'सिन शदीद – अत्यधिक युद्ध-शक्ति वाले लोग
- युस्लिमून – इस्लाम में प्रवेश कर लें (आत्मसमर्पण कर दें)
- अजरन हसना – उत्तम प्रतिफल (स्वर्ग)
- अज़ाबन अलीमा – दर्दनाक यातना
व्याख्या:
ऐ नबी! आप उन बद्दूओं से कह दीजिए जो (हुदैबिया के समय) आपके साथ चलने से पीछे रह गए थे कि अब तुम्हें एक ऐसी क़ौम की ओर बुलाया जाएगा जो युद्ध में अत्यंत शक्तिशाली और सख्त होगी। तुम्हें उनसे लड़ना होगा या वे इस्लाम में प्रवेश कर लेंगे। यह कोई विकल्प नहीं है—दोनों में से एक ही रास्ता होगा: या तो तुम उनसे युद्ध करोगे, या वे बिना युद्ध के ही आत्मसमर्पण करके मुसलमान बन जाएँगे।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यदि तुम उस आदेश की पालना करोगे जो अल्लाह तुम्हें देगा, तो वह तुम्हें उत्तम प्रतिफल प्रदान करेगा—दुनिया में ग़नीमत (युद्ध-लूट) और आख़िरत में जन्नत। लेकिन यदि तुम उसी तरह मुँह मोड़ोगे जैसे तुमने पहले (हुदैबिया के समय) मुँह मोड़ा था, तो अल्लाह तुम्हें दर्दनाक यातना में डाल देगा।
दावती पहलू:
यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि अल्लाह की आज्ञा का पालन करने में ही भलाई है। जो लोग अल्लाह के रास्ते में कष्ट उठाने से कतराते हैं, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में नुक़सान उठाते हैं। लेकिन जो अल्लाह पर भरोसा करके उसके आदेशों का पालन करते हैं, अल्लाह उन्हें कभी निराश नहीं करता। यह आयत हमें सिखाती है कि कठिनाइयों के बाद ही आसानी आती है, और अल्लाह की राह में किया गया हर कष्ट अकारण नहीं जाता। अल्लाह अपने वादे में सच्चा है—वह आज्ञाकारियों को उत्तम प्रतिफल देगा और अवज्ञाकारियों को उचित दंड। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक प्रोत्साहन भी कि हम हमेशा अल्लाह की राह में डटे रहें, क्योंकि अल्लाह की मदद उन्हीं के साथ होती है जो उसके आदेशों का पालन करते हैं।
📜 आयत 14-18 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 16
सूरा अल-फतह आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जो गवॉर पीछे रह गए थे उनसे कह दो…सूरा आयत 16/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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