Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- जन्नात – बाग़, स्वर्ग के उद्यान
- तज्री मिन तह्तिहल अन्हार – जिनके नीचे नहरें बहती हों
- ख़ालिदीन – हमेशा रहने वाले
- युकफ्फिर – मिटा देना, ढक देना
- सय्यिआत – बुराइयाँ, गुनाह
- फ़ौज़न अज़ीमन – बड़ी कामयाबी, महान सफलता
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने यह आयत मुक़द्दस फ़तह (सुलह हुदैबिया) के सिलसिले में नाज़िल फ़रमाई, जो दरअस्ल मुसलमानों के लिए एक ज़ाहिरी फ़तह से भी बड़ी नेमत का ज़रिया बनी। इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह फ़तह और यह सब कुछ इसलिए हुआ ताकि अल्लाह अपने ईमान लाने वाले मर्दों और औरतों को ऐसी जन्नतों में दाख़िल करे जिनके नीचे नहरें बहती हैं, और वे उनमें हमेशा हमेशा रहेंगे। यह वह जगह है जहाँ न कोई दर्द होगा, न कोई ग़म, न कोई थकान — सिर्फ़ सुकून, खुशी और अल्लाह की रज़ा का इज़हार होगा।
साथ ही अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह उनके गुनाहों को मिटा देगा और उन्हें ढक देगा। यानी जो क़ुसूर और ख़ताएँ उनसे सरज़द हुईं, अल्लाह उन्हें माफ़ फ़रमा देगा और उन पर उन्हें पकड़ेगा नहीं। यह अल्लाह का बेइंतिहा करम है कि वह न सिर्फ़ जन्नत अता करता है, बल्कि गुनाहों से भी पाक कर देता है।
और फिर अल्लाह फ़रमाता है: "और यह अल्लाह के नज़दीक बड़ी कामयाबी है।" यानी जन्नत में दाख़िला और गुनाहों की माफ़ी — यह दोनों चीज़ें मिलकर वह महान सफलता हैं जिससे बड़ी कोई कामयाबी नहीं। क्योंकि इसमें इंसान को वह सब कुछ मिल जाता है जो वह चाहता है (जन्नत) और वह सब कुछ दूर हो जाता है जिससे वह डरता है (अज़ाब और गुनाहों की पकड़)।
दावती पहलू:
यह आयत हर मोमिन के दिल में उम्मीद और खुशी का पैग़ाम भरती है। अल्लाह तआला ने जन्नत का वादा सिर्फ़ ख़ास लोगों से नहीं किया, बल्कि हर ईमान लाने वाले मर्द और औरत से किया है। चाहे आपका गुनाह कितना भी बड़ा हो, अल्लाह की रहमत उससे कहीं बड़ी है — वह माफ़ करने वाला है, ढकने वाला है। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में की गई छोटी सी क़ुर्बानी, सब्र और ईमान — कभी ज़ाया नहीं होती। अल्लाह उसका बदला जन्नत और माफ़ी की शक्ल में देता है, जो उसके नज़दीक सबसे बड़ी कामयाबी है।
तो आओ, हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह की राह में कदम बढ़ाएँ, और यक़ीन रखें कि अल्लाह का वादा सच्चा है — वह हमें जन्नत देगा और हमारी ख़ताओं को माफ़ कर देगा। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 3-7 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 5
सूरा अल-फतह आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि मोमिन मर्द और मोमिना औरतों को (बेहिश्त) के बाग़ों…सूरा आयत 5/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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