अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- قُمْ — उठो, अपने बिछौने से खड़े हो जाओ।
- فَأَنذِر — डराओ, चेतावनी दो, भय दिखाओ।
व्याख्या:
हे चादर ओढ़ने वाले (अर्थात हे नबी)! आप अपने विश्राम स्थल से उठें और लोगों को अल्लाह की यातना से डराएँ। यह आदेश सीधा और स्पष्ट है — उठो, खड़े हो जाओ और अपने समाज को चेतावनी दो कि यदि उन्होंने अपने कुकर्मों और शिर्क को नहीं छोड़ा, तो उन्हें अल्लाह के क्रोध और दंड का सामना करना पड़ेगा। यह केवल एक व्यक्तिगत निर्देश नहीं, बल्कि एक महान मिशन की शुरुआत है — जो आपको सौंपा गया है, वह है लोगों को अंधकार से प्रकाश की ओर लाना, उन्हें सीधे मार्ग पर चलने की दावत देना, और उन्हें उस दिन से सावधान करना जब कोई आत्मा किसी दूसरी आत्मा के काम न आएगी।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई का प्रचार करने के लिए आराम और सुकून की नींद को छोड़ना पड़ता है। जो व्यक्ति दूसरों की भलाई चाहता है, उसे पहले स्वयं जागना होगा, स्वयं सचेत होना होगा, और फिर दूसरों को जगाना होगा। यह आदेश हर उस व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा है जो अपने समाज की बेहतरी चाहता है — कि वह चुप्पी और निष्क्रियता की चादर को उतार फेंके और सत्य का झंडा बुलंद करे।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने नबी को जो ज़िम्मेदारी सौंपी, वह केवल उन्हीं तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह हर उस इंसान के लिए एक सबक है जो ईमान रखता है। हमें भी अपने घर, अपने समाज और अपने आस-पास के लोगों को अल्लाह के दीन की ओर बुलाना है, उन्हें अच्छे कामों की तरफ प्रोत्साहित करना है और बुराई से डराना है। यही नबी की सुन्नत है, और यही हमारी पहचान है। जब हम इस ज़िम्मेदारी को समझेंगे और उस पर अमल करेंगे, तो हमारी ज़िंदगी में बरकत होगी और हम अल्लाह के करीब होंगे।
📜 आयत 1-4 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 2
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लोगों को (अज़ाब से) डराओसूरा आयत 2/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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