अल-मुद्दस्सिर · 1/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
يَا أَيُّهَا الْمُدَّثِّرُ ۝١
Yaaa ayyuhal muddassir
📖 हिंदी अर्थ
ऐ (मेरे) कपड़ा ओढ़ने वाले (रसूल) उठो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَا أَيُّهَا – ऐ (पुकारने के लिए)
  • الْمُدَّثِّرُ – कपड़े में लिपटने वाला, चादर ओढ़ने वाला (यहाँ नबी ﷺ को संबोधित किया गया है, जो उस समय चादर में लिपटे हुए थे)

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत अल्लाह तआला के प्यारे नबी ﷺ को संबोधित करती है, जब वे पहली वह़्य (प्रकाशना) के बाद घबराहट की हालत में चादर में लिपटे हुए थे। अल्लाह ने उन्हें प्यार से पुकारा: "ऐ चादर में लिपटने वाले!" यह पुकार अपने आप में बड़ी मुहब्बत और शफ़क़त भरी है।

इस संबोधन के बाद अल्लाह ने उन्हें तीन बड़े काम करने का हुक्म दिया:

  1. उठो और डराओ – यानी लोगों को अल्लाह के अज़ाब से डराओ, उन्हें तौहीद की ओर बुलाओ और शिर्क से बचाओ।
  2. अपने रब की बड़ाई करो – अल्लाह को ही सबसे बड़ा मानो, उसी की इबादत करो और उसी को एक मानो।
  3. अपने कपड़े पाक रखो – यानी नापाकी से बचो, क्योंकि पाकी (शुद्धता) आधा ईमान है। यह बात ज़ाहिरी पाकी के साथ-साथ बातिनी (आंतरिक) पाकी की तरफ भी इशारा करती है कि दिल को गुनाहों और शिर्क से पाक रखो।

इस आयत में एक और नुक्ता है कि नबी ﷺ को "मुद्दस्सिर" (चादर में लिपटने वाला) कहकर पुकारा गया, ताकि उन्हें सुकून दिया जाए और बताया जाए कि अल्लाह उनकी हालत से वाक़िफ है। यह हमारे लिए भी सबक है कि हम अपने नबी ﷺ की मुहब्बत को दिल में बसाएं और उनकी सुन्नत पर चलें।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि जब अल्लाह किसी को कोई ज़िम्मेदारी देता है, तो वह उसे प्यार और मुहब्बत के साथ तैयार करता है। हमें भी चाहिए कि अल्लाह के हुक्मों को प्यार से कबूल करें, अपने दिलों को शिर्क और गुनाहों से पाक रखें, और दूसरों को भी नेकी की तरफ बुलाएं। याद रखें, अल्लाह का प्यार उसी को मिलता है जो उसके हुक्मों पर अमल करता है और अपने नबी ﷺ की पैरवी करता है।



📜 आयत 1-3 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

1يَا أَيُّهَا الْمُدَّثِّرُ
ऐ (मेरे) कपड़ा ओढ़ने वाले (रसूल) उठो
2قُمْ فَأَنذِرْ
और लोगों को (अज़ाब से) डराओ
3وَرَبَّكَ فَكَبِّرْ
और अपने परवरदिगार की बड़ाई करो
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 1

सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ (मेरे) कपड़ा ओढ़ने वाले (रसूल) उठो

सूरा आयत 1/56 — सूरा अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुद्दस्सिर सुनें, सूरा अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, सूरा अल-मुद्दस्सिर mp3, सूरा अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए