अल-मुद्दस्सिर · 41/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
عَنِ الْمُجْرِمِينَ ۝٤١
Anil mujrimeen
📖 हिंदी अर्थ
कि आख़िर तुम्हें दोज़ख़ में कौन सी चीज़ (घसीट) लायी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْمُجْرِمِينَ (मुजरिमीन): अपराधी, गुनाहगार, वे लोग जिन्होंने अपने कर्मों से अपनी आत्मा पर अत्याचार किया।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उस महान दृश्य की ओर इशारा करती है जो क़ियामत के दिन घटित होगा। जब नेक लोग जन्नत की नेमतों में होंगे और एक-दूसरे से बातचीत करेंगे, तो वे उन अपराधियों के बारे में पूछेंगे जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की अवहेलना की और अपने गुनाहों से अपनी आत्माओं को तबाह किया। यह पूछताछ हैरानी और अफसोस के साथ होगी कि आखिर इन लोगों को किस चीज़ ने जहन्नम की आग तक पहुँचाया?

यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि आज हम अपने जीवन में किस रास्ते पर चल रहे हैं। क्या हम उन लोगों में से हैं जो अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों का पालन करते हैं, या हम उन अपराधियों की तरह हैं जिन्होंने दुनिया की ख्वाहिशों को अपना मालिक बना लिया?

याद रखिए, यह पूछताछ सिर्फ़ उन अपराधियों के बारे में नहीं है, बल्कि हमारे लिए एक चेतावनी है। हमें अपने जीवन को देखना चाहिए कि क्या हम उन लोगों में से हैं जो दूसरों से पूछेंगे, या उन लोगों में से हैं जिनके बारे में पूछा जाएगा। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 39-43 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

39إِلَّا أَصْحَابَ الْيَمِينِ
मगर दाहिने हाथ (में नामए अमल लेने) वाले
40فِي جَنَّاتٍ يَتَسَاءَلُونَ
(बेहिश्त के) बाग़ों में गुनेहगारों से बाहम पूछ रहे होंगे
41عَنِ الْمُجْرِمِينَ
कि आख़िर तुम्हें दोज़ख़ में कौन सी चीज़ (घसीट) लायी
42مَا سَلَكَكُمْ فِي سَقَرَ
वह लोग कहेंगे
43قَالُوا لَمْ نَكُ مِنَ الْمُصَلِّينَ
कि हम न तो नमाज़ पढ़ा करते थे
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
56आयत
मक्कीRevelation
41आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 41

सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि आख़िर तुम्हें दोज़ख़ में कौन सी चीज़ (घसीट) लायी

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Tuesday, September 8, 2026

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