अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا سَلَكَكُمْ: किस चीज़ ने तुम्हें दाखिल किया / कौन सी चीज़ तुम्हें ले गई।
- سَقَرَ: जहन्नम का एक नाम, जो उसकी आग की सख्ती और भयंकरता को बयान करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दृश्य का हिस्सा है जब जन्नत वाले (मोमिनीन) जहन्नम के मुजरिमों से पूछेंगे। यह पूछताछ सिर्फ़ जानकारी के लिए नहीं होगी, बल्कि उन्हें उनके कुकर्मों की याद दिलाने और उन पर अफसोस जताने के लिए होगी। वे कहेंगे: "किस चीज़ ने तुम्हें 'सक़र' (जहन्नम) में डाला?" यानी कौन सा वह अमल था, कौन सी वह गलती थी जिसके कारण तुम इस भयानक आग के शिकार हुए?
यह सवाल उन्हें जवाब देने पर मजबूर करेगा, और उनका जवाब क़ुरआन में आगे आता है कि वे कहेंगे: "हम नमाज़ नहीं पढ़ते थे, हम मिस्कीनों को खाना नहीं खिलाते थे, हम बातिल में डूबे रहते थे और हम रोज़े जज़ा (क़ियामत) को झुठलाते थे।"
इस आयत में एक बहुत बड़ी सीख है। यह हमें बताती है कि आज हम जिन आरामों और लज़्ज़तों में मगन हैं, वह सब कुछ यहीं नहीं रुक जाएगा। एक दिन हमें अपने किए का हिसाब देना होगा। यह सवाल सिर्फ़ जहन्नम वालों से नहीं होगा, बल्कि हर इंसान से उसके रब के सामने पूछा जाएगा कि तूने अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ारी? तूने मेरे हुक्मों का कितना पालन किया?
इसलिए ऐ बंदे! आज ही अपने आप को देख ले। क्या तेरी नमाज़ क़ायम है? क्या तू अल्लाह की राह में खर्च करता है? क्या तू सच्चाई पर है? यह मत सोच कि मौत बहुत दूर है। मौत तो हर लम्हा करीब है। जब मौत आ जाएगी, तो पछताने का वक़्त नहीं मिलेगा। आज का दिन नेकियों का सौदा करने का है, कल का दिन सिर्फ़ जज़ा (बदला) का दिन होगा।
अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो नमाज़ क़ायम करते हैं, जो दूसरों की मदद करते हैं, जो सच्चाई पर चलते हैं और जो आख़िरत के दिन पर पक्का ईमान रखते हैं। आमीन।
📜 आयत 40-44 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 42
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग कहेंगेसूरा आयत 42/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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