अल-मुरसलात · 1/50
अनुवाद उच्चारण — अल-मुरसलात
وَالْمُرْسَلَاتِ عُرْفًا ۝١
Wal mursalaati`urfaa
📖 हिंदी अर्थ
हवाओं की क़सम जो (पहले) धीमी चलती हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْمُرْسَلَاتِ: भेजी जाने वाली चीज़ें (हवाएँ या फ़रिश्ते)।
  • عُرْفًا: लगातार, एक के बाद एक आने वाली, या घोड़े की अयाल (गर्दन के बाल) की तरह पीछे-पीछे चलने वाली।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में क़सम खाई है उन हवाओं की जो लगातार और लगातार चलती हैं, एक के बाद एक आती हैं, जैसे घोड़े की अयाल के बाल पीछे की तरफ़ लगातार होते हैं। ये हवाएँ अल्लाह के हुक्म से चलती हैं और अपने साथ रहमत या अज़ाब लाती हैं। कुछ मुफ़स्सिरीन (व्याख्याकारों) ने कहा है कि यहाँ "الْمُرْسَلَاتِ" से मुराद फ़रिश्ते हैं जो अल्लाह के हुक्म से भेजे जाते हैं, और वे अच्छाई और भलाई के साथ भेजे जाते हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह के आदेशों को लेकर आते हैं, और वे लगातार आते-जाते रहते हैं। दोनों तफ़सीरें सही हैं, क्योंकि अल्लाह तआला ने हवाओं और फ़रिश्तों दोनों की क़सम खाई है, जो उसके हुक्म से चलते हैं और उसकी रहमत या अज़ाब को पहुँचाते हैं।

इस क़सम का मक़सद यह है कि अल्लाह तआला यह बताना चाहता है कि जिस दिन का वादा किया गया है—यानी क़यामत का दिन, हिसाब और जज़ा (बदला)—वह ज़रूर आने वाला है, इसमें कोई शक नहीं। जिस तरह ये हवाएँ या फ़रिश्ते लगातार चलते और आते रहते हैं, उसी तरह अल्लाह का वादा भी पूरा होकर रहेगा। यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि लोगों को यक़ीन हो जाए कि क़यामत का दिन आना निश्चित है, और हर इंसान को अपने अमलों का हिसाब देना होगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह तआला की क़समें उसके वादों की सच्चाई की गवाह हैं। जिस तरह हवाएँ लगातार चलती हैं और फ़रिश्ते लगातार अल्लाह के हुक्म पूरे करते हैं, उसी तरह अल्लाह का वादा भी पूरा होकर रहेगा। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक ख़ुशख़बरी भी। चेतावनी इसलिए कि हमें अपने अमलों का हिसाब देना है, और ख़ुशख़बरी इसलिए कि जो लोग अच्छे काम करेंगे, उन्हें अल्लाह की तरफ़ से बेहतरीन बदला मिलेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक बनाएँ, और उसके रास्ते पर चलें, ताकि उस दिन हम कामयाब हों। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, और वह चाहता है कि हम उसकी रहमत के हक़दार बनें।



📜 आयत 1-3 — अल-मुरसलात

1وَالْمُرْسَلَاتِ عُرْفًا
हवाओं की क़सम जो (पहले) धीमी चलती हैं
2فَالْعَاصِفَاتِ عَصْفًا
फिर ज़ोर पकड़ के ऑंधी हो जाती हैं
3وَالنَّاشِرَاتِ نَشْرًا
और (बादलों को) उभार कर फैला देती हैं
अल-मुरसलातकुरान सूची
50आयत
मक्कीRevelation
1आयत

अनुवाद — अल-मुरसलात 1

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Tuesday, August 18, 2026

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