सूरा अल-बलद
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20 आयत मक्की PDF
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सूरा अल-बलद pdf — डाउनलोड (हिन्दी)

सूरा अल-बलद pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अल-बलद अनुवाद. अल-बलद (मक्की) 20 आयत.



सूरा अल-बलद
20 आयत · मक्की · हिन्दी
bismillah
ﭽﭾﭿﮀﮁ
मुझे इस शहर (मक्का) की कसम
ﮂﮃﮄﮅﮆ
और तुम इसी शहर में तो रहते हो
ﮇﮈﮉﮊ
और (तुम्हारे) बाप (आदम) और उसकी औलाद की क़सम
ﮋﮌﮍﮎﮏﮐ
हमने इन्सान को मशक्क़त में (रहने वाला) पैदा किया है
ﮑﮒﮓﮔﮕﮖﮗ
क्या वह ये समझता है कि उस पर कोई काबू न पा सकेगा
ﮘﮙﮚﮛﮜ
वह कहता है कि मैने अलग़ारों माल उड़ा दिया
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢ
क्या वह ये ख्याल रखता है कि उसको किसी ने देखा ही नहीं
ﮣﮤﮥﮦﮧ
क्या हमने उसे दोनों ऑंखें और ज़बान
ﮨﮩﮪ
और दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)
ﮫﮬﮭ
और उसको (अच्छी बुरी) दोनों राहें भी दिखा दीं
ﮮﮯﮰﮱ
फिर वह घाटी पर से होकर (क्यों) नहीं गुज़रा
ﯓﯔﯕﯖﯗ
और तुमको क्या मालूम कि घाटी क्या है
ﯘﯙﯚ
किसी (की) गर्दन का (गुलामी या कर्ज से) छुड़ाना
ﯛﯜﯝﯞﯟﯠﯡ
या भूख के दिन रिश्तेदार यतीम या ख़ाकसार
ﯢﯣﯤﯥ
मोहताज को
ﯦﯧﯨﯩﯪ
खाना खिलाना
ﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴ
फिर तो उन लोगों में (शामिल) हो जाता जो ईमान लाए और सब्र की नसीहत और तरस खाने की वसीयत करते रहे
ﯵﯶﯷﯸ
यही लोग ख़ुश नसीब हैं
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों से इन्कार किया है यही लोग बदबख्त हैं
ﭘﭙﭚﭛ
कि उनको आग में डाल कर हर तरफ से बन्द कर दिया जाएगा

पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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