सूरा अल-बलद अरबी और हिंदी

सूरा अल-बलद को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (20 आयत — مكية). अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf.

सूरा अल-बलद पढ़ें और सुनें

🎧 आयत
M Mishary Rashid Alafasy
M Mahmoud Khalil Al-Husary
A Abdurrahman As-Sudais
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi
A Abdul Basit Abdul Samad
A Ali Al-Hudhaify
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy
A Abu Bakr Ash-Shaatree
M Muhammad Ayyoub
A Abdullah Basfar
A Abdullah Al-Juhani
M Maher Al Muaiqly
x1
لَا أُقْسِمُ بِهَٰذَا الْبَلَدِ ۝١
📖 अनुवाद आयत 1
मुझे इस शहर (मक्का) की कसम
وَأَنتَ حِلٌّ بِهَٰذَا الْبَلَدِ ۝٢
📖 अनुवाद आयत 2
और तुम इसी शहर में तो रहते हो
وَوَالِدٍ وَمَا وَلَدَ ۝٣
📖 अनुवाद आयत 3
और (तुम्हारे) बाप (आदम) और उसकी औलाद की क़सम
لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ فِي كَبَدٍ ۝٤
📖 अनुवाद आयत 4
हमने इन्सान को मशक्क़त में (रहने वाला) पैदा किया है
أَيَحْسَبُ أَن لَّن يَقْدِرَ عَلَيْهِ أَحَدٌ ۝٥
📖 अनुवाद आयत 5
क्या वह ये समझता है कि उस पर कोई काबू न पा सकेगा
يَقُولُ أَهْلَكْتُ مَالًا لُّبَدًا ۝٦
📖 अनुवाद आयत 6
वह कहता है कि मैने अलग़ारों माल उड़ा दिया
أَيَحْسَبُ أَن لَّمْ يَرَهُ أَحَدٌ ۝٧
📖 अनुवाद आयत 7
क्या वह ये ख्याल रखता है कि उसको किसी ने देखा ही नहीं
أَلَمْ نَجْعَل لَّهُ عَيْنَيْنِ ۝٨
📖 अनुवाद आयत 8
क्या हमने उसे दोनों ऑंखें और ज़बान
وَلِسَانًا وَشَفَتَيْنِ ۝٩
📖 अनुवाद आयत 9
और दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)
وَهَدَيْنَاهُ النَّجْدَيْنِ ۝١٠
📖 अनुवाद आयत 10
और उसको (अच्छी बुरी) दोनों राहें भी दिखा दीं
فَلَا اقْتَحَمَ الْعَقَبَةَ ۝١١
📖 अनुवाद आयत 11
फिर वह घाटी पर से होकर (क्यों) नहीं गुज़रा
وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْعَقَبَةُ ۝١٢
📖 अनुवाद आयत 12
और तुमको क्या मालूम कि घाटी क्या है
فَكُّ رَقَبَةٍ ۝١٣
📖 अनुवाद आयत 13
किसी (की) गर्दन का (गुलामी या कर्ज से) छुड़ाना
أَوْ إِطْعَامٌ فِي يَوْمٍ ذِي مَسْغَبَةٍ ۝١٤
📖 अनुवाद आयत 14
या भूख के दिन रिश्तेदार यतीम या ख़ाकसार
يَتِيمًا ذَا مَقْرَبَةٍ ۝١٥
📖 अनुवाद आयत 15
मोहताज को
أَوْ مِسْكِينًا ذَا مَتْرَبَةٍ ۝١٦
📖 अनुवाद आयत 16
खाना खिलाना
ثُمَّ كَانَ مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ وَتَوَاصَوْا بِالْمَرْحَمَةِ ۝١٧
📖 अनुवाद आयत 17
फिर तो उन लोगों में (शामिल) हो जाता जो ईमान लाए और सब्र की नसीहत और तरस खाने की वसीयत करते रहे
أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ ۝١٨
📖 अनुवाद आयत 18
यही लोग ख़ुश नसीब हैं
وَالَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِنَا هُمْ أَصْحَابُ الْمَشْأَمَةِ ۝١٩
📖 अनुवाद आयत 19
और जिन लोगों ने हमारी आयतों से इन्कार किया है यही लोग बदबख्त हैं
عَلَيْهِمْ نَارٌ مُّؤْصَدَةٌ ۝٢٠
📖 अनुवाद आयत 20
कि उनको आग में डाल कर हर तरफ से बन्द कर दिया जाएगा
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90البلد Al-Balad 📚 20 आयत مكية

आयत-दर-आयत – सूरा अल-बलद — 20 आयत




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Tuesday, August 18, 2026

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