अल-आदियात · 2/11
अनुवाद उच्चारण — अल-आदियात
فَالْمُورِيَاتِ قَدْحًا ۝٢
Fal moori yaati qadha
📖 हिंदी अर्थ
जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं
🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَالْمُورِيَاتِ (अल-मूरियात): वे घोड़ियाँ जो अपने खुरों से आग निकालती हैं।
  • قَدْحًا (क़द्हन): आग निकालना, चिंगारी भड़काना।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला ने उन घोड़ियों की क़सम खाई है जो दौड़ते समय अपने खुरों को पत्थरों पर मारती हैं, जिससे चिंगारियाँ निकलती हैं और आग भड़क उठती है। यह उन घोड़ों की ताक़त, तेज़ी और सख़्ती का वर्णन है जो जिहाद के लिए तैयार की जाती हैं। जब ये घोड़े तेज़ रफ़्तार से दौड़ते हैं, तो उनके खुरों की टक्कर से पत्थरों पर चिंगारियाँ पैदा होती हैं, जो रात के अंधेरे में आग की तरह चमकती हैं। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक नमूना है कि उसने घोड़ों को ऐसी ताक़त दी है कि वे अपने खुरों से आग निकाल सकते हैं।

यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि इंसान अल्लाह की नेमतों पर ग़ौर करे और उसके दिए हुए जानवरों और उनकी ताक़त से सबक़ ले। जिस तरह ये घोड़े अपनी तेज़ी और ताक़त से दुश्मन पर हमला करते हैं और आग की चिंगारियाँ निकालते हैं, उसी तरह मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह की राह में अपनी पूरी ताक़त लगाए, दुश्मन के मुक़ाबले में डटा रहे, और अपने ईमान की गर्मी से कुफ़्र की अंधेरी रातों को रोशन करे। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में जिहाद और कोशिश करना कितनी बड़ी फज़ीलत है, और जो लोग अल्लाह की राह में अपनी जान और माल खर्च करते हैं, उनका दर्जा बहुत ऊँचा है।

अल्लाह तआला ने इन घोड़ियों की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि इंसान को अपनी ज़िंदगी में भी ऐसी ही जोश, हिम्मत और लगन के साथ अल्लाह की इबादत और उसकी राह में भलाई के काम करने चाहिए। जिस तरह घोड़े अपने मालिक के हुक्म पर बिना किसी हिचकिचाहट के दौड़ते हैं और मुश्किलों का सामना करते हैं, उसी तरह मोमिन को भी अल्लाह के हुक्मों पर फ़ौरन अमल करना चाहिए और उसकी राह में आने वाली हर मुश्किल को बर्दाश्त करना चाहिए। यह आयत हमें यह भी याद दिलाती है कि अल्लाह की क़ुदरत के नज़ारे हर तरफ़ हैं, बस ज़रूरत है उन पर ग़ौर करने और उससे सबक़ लेने की।

📜 आयत 1-4 — अल-आदियात

1وَالْعَادِيَاتِ ضَبْحًا
(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम
2فَالْمُورِيَاتِ قَدْحًا
जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं
3فَالْمُغِيرَاتِ صُبْحًا
फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं
4فَأَثَرْنَ بِهِ نَقْعًا
(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं
अल-आदियातकुरान सूची
11आयत
मक्कीRevelation
2आयत

अनुवाद — अल-आदियात 2

सूरा अल-आदियात आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं

सूरा आयत 2/11 — अल-आदियात العاديات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आदियात सुनें, अल-आदियात अनुवाद, अल-आदियात mp3, अल-आदियात pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए