अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثُمَّ (फिर): यहाँ इसका अर्थ है "उसके बाद" या "फिर"।
- لَتُسْأَلُنَّ (अवश्य पूछे जाओगे): यह क़सम के साथ ज़ोर देकर कहा गया है कि तुमसे अवश्य पूछताछ होगी।
- يَوْمَئِذٍ (उस दिन): यानी क़ियामत के दिन।
- عَنِ النَّعِيمِ (नेमतों के बारे में): यानी उन सुख-सुविधाओं और आशीर्वादों के बारे में जो दुनिया में दी गईं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में साफ़ और सख्त लहजे में फ़रमा रहे हैं कि ऐ लोगों! दुनिया में जो नेमतें, सुख-सुविधाएँ, स्वास्थ्य, धन-दौलत, खाने-पीने की चीज़ें, आराम के साधन और तमाम दुनियावी आशीर्वाद तुम्हें मिले हैं—इन सबके बारे में क़ियामत के दिन तुमसे अवश्य पूछा जाएगा। यह सिर्फ़ एक सामान्य पूछताछ नहीं होगी, बल्कि बहुत बारीकी से हिसाब लिया जाएगा कि तुमने इन नेमतों का इस्तेमाल कैसे किया? क्या तुमने अल्लाह की इन नेमतों पर शुक्र अदा किया? क्या तुमने इन्हें अल्लाह की राह में खर्च किया? क्या तुमने इन नेमतों का सही उपयोग किया या इन्हें ग़लत कामों में बर्बाद किया?
यह पूछताछ उस दिन होगी जब कोई मदद करने वाला नहीं होगा, जब इंसान अपने किए पर पछताएगा लेकिन पछताने का कोई फ़ायदा नहीं होगा। इसलिए यह आयत हमें बहुत बड़ी सीख देती है कि हमें अपनी ज़िंदगी में मिली हर नेमत का सही इस्तेमाल करना चाहिए। हमें अपने स्वास्थ्य का सही उपयोग करना चाहिए—अल्लाह की इबादत में, अच्छे कामों में। हमें अपने धन का सही उपयोग करना चाहिए—अल्लाह की राह में खर्च करना, ग़रीबों की मदद करना। हमें अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए—इसे अल्लाह की याद में और अच्छे कामों में बिताना।
याद रखिए! यह दुनिया की ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन इसका हिसाब बहुत बड़ा है। जो लोग दुनिया की नेमतों में डूबकर अल्लाह को भूल जाते हैं, वे क़ियामत के दिन बहुत पछताएँगे। लेकिन जो लोग इन नेमतों को अल्लाह की नेमत समझकर शुक्र अदा करते हैं और इन्हें सही रास्ते में इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यही नेमतें जन्नत की नेमतों का ज़रिया बन जाएँगी।
तो आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी पर नज़र डालें—हम अपनी नेमतों का कैसा इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या हम उन नेमतों का शुक्र अदा करते हैं जो अल्लाह ने हमें दी हैं? यह आयत हमें जागरूक करती है कि हम अपनी हर नेमत को अल्लाह की देन समझें और उसका सही उपयोग करें, ताकि क़ियामत के दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 6-8 — अत-तकासुर
अनुवाद — अत-तकासुर 8
सूरा अत-तकासुर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर तुमसे नेअमतों के बारें ज़रूर बाज़ पुर्स की जाएगीसूरा आयत 8/8 — अत-तकासुर التكاثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकासुर सुनें, अत-तकासुर अनुवाद, अत-तकासुर mp3, अत-तकासुर pdf. आयत 6–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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