Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَأَى – देखा, सामना किया
- الْمُجْرِمُونَ – अपराधी, जिन्होंने कुफ़्र और गुनाह किए
- النَّارَ – आग (जहन्नम)
- فَظَنُّوا – उन्होंने यक़ीन कर लिया (यहाँ 'ظن' का अर्थ यक़ीन और पूर्ण विश्वास है, संदेह नहीं)
- مُوَاقِعُوهَا – उसमें गिरने वाले, उसमें प्रवेश करने वाले
- مَصْرِفًا – मोड़, बचने की जगह, भागने का रास्ता
तफ़सीर:
जिस दिन हश्र (प्रलय) का मंज़र होगा, उस दिन ज़ालिमों और मुजरिमों की आँखों के सामने जहन्नम की आग साफ़ नज़र आएगी। वह आग इतनी भयानक होगी कि उसे देखते ही उनके दिल काँप उठेंगे और उन्हें पूरा यक़ीन हो जाएगा कि अब वे उसी में झोंके जाने वाले हैं। यह कोई साधारण अंदेशा नहीं होगा, बल्कि उनकी आँखों के सामने उनका अंजाम साफ़ तैर रहा होगा — वे जान लेंगे कि उनका ठिकाना बस यही आग है।
और सबसे बड़ी मुसीबत यह होगी कि उस वक़्त उन्हें कहीं भी भागने का रास्ता नहीं मिलेगा। न कोई मोड़, न कोई पनाह, न कोई सहारा। वे चाहेंगे कि किसी तरह इस आग से बच निकलें, लेकिन हर तरफ़ से रास्ते बंद होंगे। अल्लाह के फ़ैसले से बचने के लिए कोई जगह नहीं होगी, कोई दरवाज़ा नहीं खुलेगा, कोई मददगार नहीं आएगा।
यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की आयतों को झुठलाया, उसके रसूलों का मज़ाक उड़ाया, और अपनी ज़िंदगी ग़लत रास्तों पर बिताई। उन्होंने सोचा था कि उनके कर्मों का कोई हिसाब नहीं होगा, लेकिन आज उनकी आँखों के सामने उनका अंजाम है और वे कुछ नहीं कर सकते।
नसीहत और दावत:
यह आयत हमें चेतावनी देती है कि आज का हर काम कल सामने आएगा। जो लोग आज अल्लाह की नाफ़रमानी में जी रहे हैं, वे समझ लें कि उस दिन कोई बहाना काम नहीं आएगा। लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है — उसने तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आज भी अगर कोई अपने गुनाहों से तौबा कर ले, अल्लाह की तरफ़ पलट आए, तो अल्लाह उसे माफ़ कर देगा और उसे जहन्नम से बचा लेगा। यही वह मौका है जो हमें मिला है — क़यामत से पहले, मौत से पहले। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें, और उस दिन की शर्मिंदगी से बचें। जो आज अल्लाह की राह पर चलेगा, उसे कल जन्नत की नेमतें मिलेंगी — जहाँ कोई डर नहीं, कोई ग़म नहीं।
📜 आयत 51-55 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 53
सूरा अल-कहफ आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और गुनेहगार लोग (देखकर समझ जाएँगें कि ये इसमें सोके…सूरा आयत 53/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


