अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (معاني الكلمات):
- صَرَّفْنَا: हमने विभिन्न प्रकार से प्रस्तुत किया, अनेक रूपों में बयान किया।
- مَثَل: उदाहरण, नसीहत, सबक।
- جَدَلًا: झगड़ा, विवाद, तर्क-वितर्क, हठधर्मिता।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस पवित्र कुरआन में लोगों के लिए हर प्रकार के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं—कभी सच्चाई को स्पष्ट करने के लिए, कभी चेतावनी देने के लिए, कभी प्रोत्साहित करने के लिए, और कभी सीधा मार्ग दिखाने के लिए। इन उदाहरणों का उद्देश्य यह है कि लोग सोचें, समझें, सीखें और अपने जीवन को सुधारें। अल्लाह ने कुरआन में हर उस विषय को छुआ है जिसकी मनुष्य को आवश्यकता है—ईमान, अच्छे कर्म, अंतिम दिन, अल्लाह की रहमत, उसकी पकड़, संसार की क्षणभंगुरता, और आख़िरत की स्थायी सफलता।
लेकिन अफसोस की बात यह है कि मनुष्य अपनी स्वभावगत कमजोरी के कारण सत्य को स्वीकार करने के बजाय झगड़ने और तर्क-वितर्क करने में अधिक समय बिताता है। वह हर बात पर सवाल उठाता है, हर सच्चाई को चुनौती देता है, और अक्सर बिना ज्ञान के ही विवाद में पड़ जाता है। यह विशेष रूप से उन लोगों का हाल है जो अल्लाह की आयतों को नकारते हैं—वे सच्चाई को मानने के बजाय उसे गलत ठहराने की कोशिश में लगे रहते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि कुरआन एक ऐसा ग्रंथ है जो हर युग और हर समाज के लिए मार्गदर्शन लेकर आया है। इसमें कोई कमी नहीं, कोई त्रुटि नहीं। जो व्यक्ति इसे खुले दिल से पढ़ेगा, वह इसमें अपने लिए हर समस्या का समाधान पाएगा। लेकिन जो व्यक्ति हठधर्मिता और झगड़े की नीयत से इसे पढ़ेगा, वह कभी सत्य तक नहीं पहुँच पाएगा।
दावती पहलू (आमंत्रण का पहलू):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपनी रहमत से हमारे लिए कुरआन जैसा अमूल्य खज़ाना भेजा है। इसमें हर वह चीज़ मौजूद है जो हमें दुनिया और आख़िरत में सफल बना सकती है। क्या हमें इस पर अमल नहीं करना चाहिए? क्या हमें इसे पढ़कर सीखना नहीं चाहिए? झगड़ा और विवाद हमें केवल दूर ले जाता है, जबकि कुरआन हमें निकट लाता है—अल्लाह के करीब, सच्चाई के करीब, और सच्ची सफलता के करीब।
आइए, हम अपने जीवन में कुरआन को अपना मार्गदर्शक बनाएं, उसकी शिक्षाओं पर अमल करें, और झगड़े-विवाद से बचकर अल्लाह की रहमत और मार्गदर्शन को अपनाएं। यही हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है।
📜 आयत 52-56 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 54
सूरा अल-कहफ आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तो इस क़ुरान में लोगों (के समझाने) के…सूरा आयत 54/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








