अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَمِعْنَا وَأَطَعْنَا — हमने सुना और आज्ञा का पालन किया।
- الْمُفْلِحُونَ — सफलता पाने वाले, कामयाब लोग।
तफ़सीर:
यह आयत मोमिनिन (सच्चे ईमानवालों) की पहचान और उनके आदर्श व्यवहार को बयान करती है। जब सच्चे मोमिनों को अल्लाह की किताब और उसके रसूल (ﷺ) की ओर बुलाया जाता है ताकि वे उनके बीच फ़ैसला करें, तो उनका दस्तूर यही होता है कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के कहते हैं: "हमने सुना और हमने आज्ञा का पालन किया।" यानी वे अल्लाह और उसके रसूल के फ़ैसले को पूरे दिल से क़बूल करते हैं, चाहे वह उनके अपने मत या इच्छा के ख़िलाफ़ ही क्यों न हो।
यह आयत उन लोगों के विपरीत है जो मुनाफ़िक़ीन (दिखावटी मुसलमानों) की तरह जब उन्हें अल्लाह और रसूल की ओर बुलाया जाता है तो वे मुँह मोड़ लेते हैं या बहाने बनाते हैं। लेकिन सच्चे ईमानवालों की शान यह है कि वे हर मामले में अल्लाह और उसके रसूल के फ़ैसले को सिर झुकाकर क़बूल करते हैं। उनके दिल में कोई ग़िल्लत, कोई शिकायत, कोई संदेह नहीं होता। वे जानते हैं कि अल्लाह और उसके रसूल का फ़ैसला ही सबसे बेहतर और सही है।
इस आयत में "سمعنا وأطعنا" का ज़िक्र बताता है कि मोमिन की ज़बान और दिल एक होते हैं — जो सुनता है उसे मानता भी है, और जो मानता है उस पर अमल भी करता है। यही सच्ची इताअत (आज्ञाकारिता) है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यही लोग "मुफ़्लिहून" हैं — यानी दुनिया और आख़िरत में सफलता पाने वाले। उनकी सफलता का राज़ यही है कि उन्होंने अपनी इच्छाओं और अक़्ल को अल्लाह और रसूल के हुक्म के आगे झुका दिया।
प्यारे मुसलमान भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी कामयाबी इसी में है कि हम हर मामले में — चाहे वह घरेलू झगड़ा हो, आपसी मतभेद हो, या कोई और मसला — अल्लाह की किताब और रसूल (ﷺ) की सुन्नत की तरफ़ रुजू करें। जब हम दावत दी जाएँ तो हमारा जवाब "सुना और माना" होना चाहिए, न कि "सुना और नहीं माना" या "सुना और सोचेंगे।" याद रखिए, जो लोग अल्लाह और रसूल के फ़ैसले को पूरे दिल से क़बूल करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देता है और आख़िरत में जन्नत की नेमतें अता करता है। यही असली कामयाबी है — यही असली फ़लाह है। अल्लाह हमें इस आयत पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 49-53 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 51
सूरा अन-नूर आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ईमानदारों का क़ौल तो बस ये है कि जब उनको…सूरा आयत 51/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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