अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَلْعُونِينَ: रहमत से निकाले हुए, अभिशप्त।
- أَيْنَمَا ثُقِفُوا: जहाँ कहीं भी पाए जाएँ।
- أُخِذُوا: पकड़ लिए जाएँ।
- وَقُتِّلُوا تَقْتِيلًا: और बुरी तरह मार डाले जाएँ (लगातार और बड़े पैमाने पर कत्ल किए जाएँ)।
तफसीर:
अल्लाह तआला इस आयत में उन मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) के बारे में बता रहे हैं जो दिल में कुफ़्र छिपाए हुए हैं और ज़ुबान पर ईमान का दावा करते हैं, और उन लोगों के बारे में भी जिनके दिलों में शक और बीमारी है, और वे लोग जो मदीना में झूठी अफ़वाहें फैलाते हैं और मुसलमानों के बीच फ़साद पैदा करते हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि ये लोग "मलऊनीन" हैं, यानी अल्लाह की रहमत से मरदूद और फिटकारे हुए हैं।
इनका हाल यह है कि जहाँ कहीं भी ये पाए जाएँ, उन्हें पकड़ा जाएगा और बुरी तरह क़त्ल किया जाएगा। यह उनकी सज़ा है उनके निफ़ाक़ (दोहरेपन), झूठी अफ़वाहों और मुसलमानों के बीच फ़साद फैलाने की वजह से। यह अल्लाह का क़ानून है कि जो लोग अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के खिलाफ़ साज़िशें करते हैं और ईमान वालों के बीच बुराई फैलाते हैं, उनके लिए दुनिया में ज़िल्लत और आख़िरत में अज़ाब है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का दीन बहुत पाक और साफ़ दीन है। अल्लाह उन लोगों को कभी बर्दाश्त नहीं करता जो दिल में कुफ़्र रखते हैं और ज़ुबान से ईमान का दावा करते हैं, और जो मुसलमानों के बीच फ़साद और बुराई फैलाते हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने दिलों को साफ़ रखें, अपनी ज़ुबान को सच्चा रखें, और कभी भी झूठ, धोखा, या अफ़वाहों से मुसलमानों के बीच फ़साद न फैलाएँ।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह अपने नबी ﷺ और ईमान वालों की हिफ़ाज़त करता है और उनके दुश्मनों को ज़रूर ज़लील करता है। जो लोग अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के खिलाफ़ बुराई की साज़िश करते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है। यह हमारे लिए तसल्ली की बात है कि अल्लाह हमेशा सच्चे मोमिनों के साथ है, और सच्चाई और ईमान की ही हमेशा बलंदी होती है।
आओ, हम सब अपने दिलों को निफ़ाक़ से पाक रखें, सच्चाई और ईमान पर साबित क़दम रहें, और अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें मुनाफ़िक़ों के रास्ते से बचाए और हमें सच्चे मोमिनों में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 59-63 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 61
सूरा अल-अहज़ाब आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लानत के मारे जहाँ कहीं हत्थे चढ़े पकड़े गए और…सूरा आयत 61/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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