Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ضُرٌّ: कष्ट, बीमारी, तंगी या कोई मुसीबत।
- مُنِيبًا: रुजू करने वाला, अकेले अल्लाह की ओर झुकने वाला।
- خَوَّلَهُ: उसे अता किया, दिया।
- أَندَادًا: समकक्ष, साझीदार (जिन्हें अल्लाह के बराबर ठहराया जाए)।
- لِيُضِلَّ عَن سَبِيلِهِ: ताकि (लोगों को) अल्लाह के रास्ते से भटकाए।
तफसीर:
जब इंसान पर कोई मुसीबत आती है—चाहे वह बीमारी हो, माल का नुकसान हो, डूबने का डर हो या कोई और परेशानी—तो वह अपने रब को पुकारता है, अकेले उसी की ओर रुजू होता है और उसी से मदद माँगता है। लेकिन जब अल्लाह उस पर अपनी रहमत से कोई नेमत डालता है और उसकी मुसीबत दूर कर देता है, तो वह उन दुआओं और गिड़गिड़ाहट को भूल जाता है जो पहले उसने की थीं। न केवल यह, बल्कि वह अल्लाह के साथ दूसरों को साझीदार ठहराने लगता है—मूर्तियों, लोगों या दुनिया की चीज़ों को—ताकि वह खुद भी अल्लाह के रास्ते से भटके और दूसरों को भी भटकाए। यह इंसान की कृतघ्नता और नाइंशुक्री की चरम सीमा है।
अल्लाह तआला इस किस्म के इंसान को नसीहत और चेतावनी के तौर पर कहता है: "ऐ नबी! इससे कह दो कि अपने कुफ्र में थोड़ा सा मज़े ले ले—यह दुनिया की ज़िंदगी बहुत छोटी है, चंद रोज़ की है। जल्द ही तेरी मौत आ जाएगी और तेरी मुद्दत पूरी हो जाएगी। फिर तू आग में जाने वालों में से है, और वहाँ तेरा ठिकाना हमेशा के लिए होगा।"
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह सिर्फ मुसीबत के वक्त ही अल्लाह को याद न करे, बल्कि खुशहाली और नेमतों के वक्त भी उसका शुक्र अदा करे। अल्लाह वही है जो मुसीबत में काम आता है और नेमत देने वाला भी वही है। उसे भूलकर दूसरों की तरफ मुड़ना सबसे बड़ी नादानी है। याद रखो, यह दुनिया की खुशियाँ और मज़े बहुत थोड़े हैं, लेकिन आख़िरत का अज़ाब बहुत बड़ा और हमेशा रहने वाला है। अल्लाह की रहमत और उसकी पकड़ दोनों ही बेहद करीब हैं—अपने रब से जुड़े रहो, हर हाल में उसी का शुक्र करो, और उसके साथ किसी को साझीदार मत बनाओ। यही कामयाबी की राह है।
📜 आयत 6-10 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 8
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आदमी (की हालत तो ये है कि) जब उसको…सूरा आयत 8/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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