अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آثَارًا فِي الْأَرْضِ: धरती पर छोड़े गए निशान, जैसे इमारतें, महल, खेत और दूसरी बनावटें।
- فَمَا أَغْنَىٰ عَنْهُم: उनके काम न आया, उन्हें कोई लाभ नहीं पहुँचाया।
- مَّا كَانُوا يَكْسِبُونَ: जो कुछ वे कमाते थे (धन, ताकत, साधन)।
तफ़सीर:
क्या ये झुठलाने वाले लोग धरती पर चले-फिरे नहीं कि वे अपने से पहले की उन क़ौमों का अंजाम देखते, जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया था? क्या उन्होंने उन बर्बाद हुई बस्तियों और तबाह हुए घरों पर नज़र नहीं डाली? ये पिछली क़ौमें इनसे कहीं ज़्यादा तादाद में थीं, इनसे कहीं ज़्यादा ताकतवर थीं, और धरती पर इनसे बेहतर निशान छोड़ गई थीं—ऊँची इमारतें, शानदार महल, खूबसूरत बाग़ और मज़बूत किले। लेकिन जब अल्लाह का अज़ाब आया, तो उनकी ताकत, उनका धन, उनकी बड़ाई—कुछ भी उनके काम न आया। उनकी कमाई और उनके इकट्ठा किए हुए साधन उन्हें अल्लाह की पकड़ से न बचा सके।
ये क़ुरआन का वो सबक़ है जो हर ज़माने में दोहराया जाता है—इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि जिन क़ौमों ने हक़ को झुठलाया और अल्लाह के हुक्म से मुँह मोड़ा, उनका अंजाम बर्बादी के सिवा कुछ नहीं था। आज भी अगर इंसान इन निशानियों पर ग़ौर करे, तो उसे समझ आ जाए कि असली ताकत अल्लाह के पास है, और उसकी पकड़ से बचने की कोई सूरत नहीं। ये आयत हमें दावत देती है कि हम इतिहास से सबक़ लें, अपने हालात पर नज़र डालें, और अल्लाह की तरफ़ लौट आएँ—क्योंकि जो लोग अल्लाह की राह पर चलते हैं, उन्हें दुनिया में भी इज़्ज़त मिलती है और आख़िरत में भी कामयाबी। मगर जो लोग सिर्फ़ दुनिया की चमक-दमक और अपनी ताकत पर इतराते हैं, वे एक दिन ये देख लेंगे कि उनकी सारी कमाई उनके किसी काम न आई। तो आओ, हम इन निशानियों से सबक़ लें और अपने रब की इबादत और उसके हुक्म की पैरवी को अपनी ज़िंदगी का असली मक़सद बनाएँ—यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 80-84 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 82
सूरा ग़ाफिर आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या ये लोग रूए ज़मीन पर चले फिरे नहीं,…सूरा आयत 82/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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